- ग्रामीणों का प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिला, रखी अपनी बात
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गंगा एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट को लेकर फिर से मामला तूल पकड़ सकता है। ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को डीएम के. बालाजी से मिला और एलाइनमेंट हाजीपुर से करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि हाजीपुर से एलाइनमेंट मेरठ आउटर रिंग रोड और चारों ओर के मुख्य मार्गो से परस्पर संबंध करने वाला है।
इसके अतिरिक्त अन्य कोई दूसरा एलाइनमेंट आउटर रिंग रोड को लिंक नहीं करता, इसलिए हाजीपुर से ही एलाइनमेंट करने की मांग ग्रामीणों ने की है। यह भी दावा किया गया है कि प्रयागराज तक की दूरी करीब 25 किलोमीटर कम हो जाएगी, यदि हाजीपुर वाले एलाइनमेंट पर काम किया जाए।
यही नहीं, यह भी ग्रामीणों ने दावा किया कि गढ़मुक्तेश्वर मिनी हरिद्वार है, जिसका लिंक भी गंगा एक्सप्रेस वे से हो जाएगा। यदि दूसरे एलाइनमेंट पर काम होता है तो गढ़मुक्तेश्वर से गंगा एक्सप्रेस-वे की दूरी बढ़ जाएगी। ग्रामीणों ने डीएम के सामने दावा किया कि हाजीपुर से जो एलाइनमेंट तैयार होगा, उसमें किसानों की जमीन के सर्किल रेट भी कम है।
डीएम से मिलने वालों में सुंदर तोमर, सुशील कुमार, नरेश कसाना, सुमित तोमर, राजन सिंह, निरमेश कुमार, योगेंद्र सिंह तोमर, मुनेश कुमार, समर पाल सिंह आदि शामिल रहे। बता दे, गंगा एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट को लेकर काफी विवाद हो चुका है। विवाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा।
इसके बाद ही फिर से एलाइनमेंट चेंज कर दिया गया था। पहले इसका लिंक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से किया जा रहा था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। एलाइनमेंट को लेकर फिर से विवाद खड़ा हो सकता है। इसको लेकर राजनीति भी हो गई है। भाजपा व विपक्ष इसको लेकर किसानों के बीच राजनीति करने पर उतर गए हैं। यही वजह है कि अब एलाइनमेंट को लेकर कुछ भी फाइनल नहीं है।

