- आवास विकास नहीं रोक पाया अवैध निर्माण होने से
- नोटिसों का खेला जा रहा है महाखेल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आवास विकास अधिकारियों की ढुलमुल रवैये के कारण क्षेत्र में खुलेआम अवैध निर्माण हो रहे हैं। यहां तक विभाग की ओर से तहरीर दिये जाने और नोटिस दिये जाने के बावजूद निर्माण करने वालों पर इसका कोई असर नहीं है। वह यहां निर्माण पर निर्माण कर आवास विकास अधिकारियों को चुनौती दे रहे हैं और अधिकारी चुपचाप हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। यहां क्षेत्र के एच ब्लॉक और डी ब्लॉक में डिलीसियस बेकरी को नोटिस भी जारी हुआ उसके बावजूद एक अन्य स्थान पर आवासीय में कमर्शियल निर्माण शुरू हो गया है जिसमें आवास विकास तहरीर तक दे चुका है।
बता दें कि शास्त्रीनगर में कई ऐसे आवासीय प्लॉट हैं जहां लोगों ने उनका कमर्शियल यूज किया है, लेकिन आवास विकास उनके खिलाफ कुछ नहीं कर पाया है। ऐसा ही एक मामला डिलीसियस बेकरी का है। इस बेकरी के खिलाफ कई शिकायतें आवास विकास कार्यालय में पहुंची थी। जिसके बाद आवास विकास की ओर से इसके खिलाफ नोटिस तक जारी किये गये। यहां तक कि बेकरी पर भी नोटिस चस्पा किये गये। वर्ष 2019 में भी नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तक की जानी थी, लेकिन अभी तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यही नहीं अधिकारियों का संरक्षण इस प्रकार मिला कि उनकी ओर से डी ब्लॉक में एक नंबर में भी डिलीसियस बेकरी की और से कई दुकानों का आवासीय प्लॉट में कमर्शियल निर्माण कर दिया गया है।
वहीं, इस संबंध में जेई आवास विकास परिषद, दुजई राम का कहना है कि आवास विकास की ओर से निर्माण करने वालों के खिलाफ तहरीर दी गई थी। इस संबंध में आलाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया था। अभी तबीयत खराब है। कोरोना पॉजिटिव होने के कारण होम आइसोलेशन में हूं। इसके बाद अधिकारियों से बात कर कार्रवाई की जायेगी। अगर यहां उद्घाटन होना है तो इसके खिलाफ कार्रवाई कराई जायेगी।
पेड़ों की आड़ में तैयार किया जा रहा अवैध निर्माण
इसके खिलाफ आवास विकास की ओर से तहरीर तक दी गई थी, लेकिन इस मामले में आगे कुछ कार्रवाई नहीं हुई और यहां दो से तीन दुकानें पेड़ों की आड़ में बानकार तैयार कर दी गई है। यहां कि आज इन दुकानों का उद्घाटन भी किया जाना है जिसकी पूरी तैयारी की जा चुकी है। इसकी जानकारी आवास विकास अधिकारियों को भी है इसके बावजूद यह निर्माण बनकर तैयार हुए और अब इनका संचालन भी शुरू हो जायेगा। इस निर्माण को लेकर आवास विकास की ओर से तहरीर तक दी गई थी उसके बावजूद यहां निर्माण कर दिया गया है।

