
विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री रैगनार नर्कसे ने कहा है, ‘पॉवर्टी एनीवेयर इज ए थ्रेट टू प्रोसपेरीटी एवरी वेयर’ यानी अर्थव्यवस्था का यदि कोई क्षेत्र अल्पविकसित है तो वह अन्य समृद्ध क्षेत्रों के विकास में भी एक अवरोध का कार्य करेगा। अर्थव्यवस्था के किसी एक कोने को उपेक्षित रखकर संपूर्ण अर्थव्यवस्था के समग्र विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती। किसी भी देश के विकास का मानक केवल उसकी आर्थिक संवृद्धि दर को ही नहीं माना जा सकता है, बल्कि उस देश के समग्र विकास के लिए आर्थिक संवृद्धि का समुचित वितरण भी अनिवार्य है। आर्थिक नीतियों की वजह से यदि देश के आर्थिक संसाधनों पर केवल चंद लोगों का नियंत्रण बढ़ रहा है तो इससे समाज में विकृतियां उत्पन्न होंगी और वो नीतियां लंबी अवधि तक टिकाऊ नहीं रह पाएंगी। देश के समग्र विकास के लिए आर्थिक संवृद्धि का लाभ हाशिए के लोगों तक भी पहुंचाना जरूरी है।