- पीएम आवास से वंचित गरीब ने उठाया सवाल
जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: आजादी का अमृत महोत्सव में हर घर तिरंगा लगाने पर सरकारी नुमाइंदे पूरी ऊर्जा लगाकर हर घर तिरंगा लगाने की कवायद में मसरूफ चल रहे है। सरकार की इस मुहिम का हिस्सा बनने से महरूम गरीब सवाल उठा रहे हैं कि मकान तो दिला दो सरकार, झंडा तो लगा ही लेंगे।
उन्हें आवेदन और घूस देने के बाद भी बरसों से पक्की छत मयस्सर नहीं हो रही है। सरकार द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हर घर झंडा लगाने की मुहिम चल रही है। आजादी के महोत्सव का हिस्सा बनने को बेताब कई गरीब परिवार मकान से महरूम होने के चलते बेबसी का रोना रोने को मजबूर हो रहे हैं।
यूं तो कस्बे के काफी लोग पात्र होने के बावजूद पीएम आवास से वंचित चल रहे हैं, जिनमें मोहल्ला जोगियान निवासी संजय का परिवार पिछले चार साल से घूसखोर सिस्टम की उपेक्षा का शिकार होता आ रहा है। बरसों से आशियाने को तरस रहा संजय गत दिवस मकान की छत गिरने से घायल हो गया। उसके परिवार के लिए सिर छुपाने के लिए छत नहीं बची।
संजय व उसकी पत्नी ललिता ने बताया कि वह लगातार पिछले चार वर्ष से पीएम आवास के लिए आवेदन करते आ रहे हैं। स्थानीय नगर पंचायत और डूडा कार्यालय के चक्कर काट काट कर दी वे हताश हो चुके। ललिता ने बताया कि कई कई मर्तबा जांच के नाम पर उनसे उगाही होती आ रही है। आरोप है कि कभी नक्शा पास करने के नाम पर तो कभी दावत के नाम पर उनसे लेखपाल व डूडा तथा निकाय कर्मचारी हजारों रुपये की वसूली कर चुके, जांच पड़ताल के नाम पर सब अपनी जेब गर्म करते रहे, लेकिन किसी ने उनका मकान नहीं बनवाया।
ललिता ने यह भी बताया कि उनके आवेदन के बाद हुए काफी लोगों के आवेदन पर मकान बन चुके हैं। उनका मकान आज तक नही बन पाया। अपना मकान बनवाने के लिए उसका परिवार रिश्वत दे देकर अजिज आ चुका है। इस परिवार का कहना है कि आजादी का अमृत महोत्सव के तहत वह अपने मकान पर झंडा तो लगा लेंगे लेकिन सरकार पहले उनका मकान तो बनवाएं।
इसी प्रकार उपेक्षा का शिकार होने वाले संजय जैसे अन्य लोग भी कस्बे में मौजूद हैं। काफी लोग बरसों से किस्त की बाट जो रहे हैं। ईओ नीतू सिंह का कहना है कि पीएम आवास से वंचित सभी लोगों को योजना का लाभ दिया जाएगा। आवास के नाम पर किसी को सुविधा शुल्क देने की जरूरत नहीं है।

