Tuesday, March 31, 2026
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पिठलोकर दम तोड़ रही सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं

  • कई वर्षों से अनाथ पड़ा है उपस्वास्थ केंद्र, ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है परेशानी

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं पिठलोकर गांव में पहुंचने से पहले ही दम तोड़ रही हैं। पिठलोकर में बना उपस्वास्थ केंद्र कई वर्षों से बंद पड़ा है। केंद्र पर कोई स्वास्थ्यकर्मी नहीं बैठता है। ऐसे में जहां लाखों की लागत से बना सरकारी भवन खंडहर में तब्दील हो रहा है।

वहीं ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। बीमार ग्रामीणों को इलाज के लिए मजबूरन सरधना का रुख करना पड़ता है। वर्तमान में इस भवन पर कुछ लोगों ने बिटौरे बनाकर कब्जा जमा रखा है। यदि केंद्र पर चिकित्सक की तैनाती कर दी जाए तो भवन का सदुपयोग होने के साथ ही ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं मिल सकती हैं।

पिठलोकर गांव में सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च करके उपस्वास्थ केंद्र बनवाया हुआ है। जिसमें नियमानुसार चिकित्सक से लेकर नर्स और अन्य कर्मचारी की तैनाती होनी चाहिए। ताकि ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सेवा मिल सके, लेकिन इसके बाद भी बीमार ग्रामीणों को सरकारी इलाज नहीं मिल पा रहा है।

क्योंकि केंद्र पर कोई चिकित्सक या स्वास्थ्कर्मी नहीं बैठता। हालत यह है कि यह उपस्वास्थ्य केंद्र कई वर्षों से बंद पड़ा है।ऐसे में उपस्वास्थ्य केंद्र सफेद हाथी की तरह खड़ा है। हाल में सरकारी भवन खंडहर के रूप में तब्दील होने लगा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों को बीमार होने पर इलाज के लिए मजबूरन कई किमी का सफर तय करके सरधना सीएचसी मेें आना पड़ता है।

कई बार शिकायत करने के बाद भी आज तक समस्या जस की तस है। वर्तमान में भवन पर कुछ लोगों ने बिटौरे बनाकर कब्जा जमा रखा है। यदि इस उपस्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की तैनाती कर दी जाए तो भवन का सदुपयोग होने के साथ ही ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ सेवा मिल सकती है।

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