- अलग-अलग तहसीलों में प्रदर्शन के दौरान कराया ताकत का अहसास
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू के होने वाले चक्का जाम की घोषणा वापिस लेने के बाद भले ही प्रशासन ने राहत की सांस ली हो,लेकिन तहसील स्तर पर होने वाले प्रदर्शन व ज्ञापन देने के पूर्व नियोजित कार्यक्रम ने दिन भर पुलिस अफसरों के होश उडाये रखे।
सवेरे से ही जनपद की चारों तहसीलों को छावनी में तब्दील करते हुए अधिकारी दिन भर हालात पर नजर रखे रहे। भाकियू के विरोध प्रदर्शनों की कडी में आज चक्का जाम वापस होने के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन करते हुए कृषि कानूनों को वापस लेने व अन्य मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपे।

सदर ब्लाक अध्यक्ष विकास शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों किसान जुलूस के रूप में सदर तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय पहुंचे और धरना देकर बैठ गए , जहां विकास शर्मा, राजू पीनना, संजीव भारद्वाज, राजेन्द्र सैनी, ठाकुर कुशलवीर, दानिश प्रधान, अमरजीत सिंह ने कहा आज किसानों का चारों तरफ से उत्पीडन किया जा रहा है।
केन्द्र व प्रदेश सरकार काले कानून बनाकर किसानों को बर्बाद कर रही है तो वहीं जिला स्तर पर भी किसानों का उत्पीडन अफसर कर रहे हैं। समस्त किसानों का बकाया भुगतान ब्याज सहित कराने व पुराने टैक्ट्रर को एनजीटी से बाहर करने की मांग सहित सात सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम सदर दीपक कुमार को सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने वालों में मांगेराम त्यागी, गौरव गुप्ता, शाहिद आलम, राशिद कुरैशी सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

खतौली में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने तहसील में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। जिसके बाद भाकियू ने एसडीएम को आठ सूत्रीय मांग का एक ज्ञापन सौंपा गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कृषि कानूनों का विरोध जारी रहेगा।
गाजीपुर और सिंधु बार्डर पर किसान धरना दे रहे है। कृषि कानूनों की वापस नहीं होने तक किसानों की घर वापसी नहीं होगी। शनिवार को खतौली तहसील पहुंचे भाकियू के नगर अध्यक्ष अध्यक्ष मनोेज सहरावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों की आड़ में केंद्र सरकार किसानों से उसकी जमीन छीनना चाहती है। ज्ञापन देने वालों में प्रवेंद्र सिंह ढाका, जुल्फिकार उर्फ छोटा, अंकित राठी, ब्रजेश शर्मा, इरशाद राणा, विपुल, सरताज आदि मौजूद रहे।
चरथावल विकासखण्ड पर कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग को लेकर चरथावल ब्लॉक अध्यक्ष ठाकुर कुशलवीर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन करते हुए कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग की उसके बाद सभी कार्यकर्ता तहसील सदर पर एसडीएम सदर को ज्ञापन देने के लिए रवाना हुए। इस मौके पर दानिश प्रधान, शाहबाज प्रधान, नरेंद्र सैनी, ठाकुर ईश्वर सिंह, ठाकुर शेर पाल सिंह, ठाकुर गजराज सिंह, आलम त्यागी, नन्हा, वसीम त्यागी, शहजाद जान्नी, यामीन, ईरशाद उर्फ साद्दा, छोटन, बिट्टू ठाकुर, आस मोहम्मद, समद राइन, शाहनजर प्रधान, आलम, नूर मोहम्मद, आरिफ राइन, मतलूब त्यागी, कामिल नेता आदि सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बुढ़ाना: भाकियू द्वारा चक्का जाम की घोषणा वापस लेने के बाद जनपद की सभी तहसीलों में उपजिलाधिकारी के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजने की घोषणा की थी। घोषणा के अनुसार भाकियू कार्यकर्ता तहसील मुख्यालय पहुंचे तथा धरने पर बैठ गए।
धरना स्थल पर भाकियू के जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नही सरकार के साथ है। इसी दौरान किसानों के बीच पहुंचे उपजिलाधिकारी अशोक कुमार व सीओ विनय गौतम को जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान, तहसील अध्यक्ष अनुज बालियान, ब्लाक अध्यक्ष संजीव पंवार व पदाधिकारियों के साथ अपनी सात मांगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी अशोक कुमार व सीओ विनय गौतम को सौंपा।
यह ज्ञापन उनके माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को भेजा गया है। इस मौके पर विकास त्यागी, रणवीर, सत्यप्रकाश, वीरसिंह, प्रवीण व नीटू आदि मौजूद रहे। इसके अलावा जानसठ तहसील व अन्य ग्रामीण इलाकों में भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे।

