- सांसों पर संकट, लगातार बढ़ रहा प्रदूषण
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: धीरे-धीरे प्रदूषण बढ़ रहा है। जिससे लोगों को अब दिक्कत होने लगी है। अगर ये ही हाल रहा तो जीना दुश्वार हो जाएगा। हर साल वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी ग्रेप सिस्टम लागू किया जाता है। इस साल वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर एनसीआर में 15 सितंबर से ही इसे लागू कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद प्रदूषण कम नहीं हो रहा है।
ग्रेप में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलावा नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, एनएचएआई, नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग, आरटीओ समेत करीब 23 विभाग काम कर रहे हैं। इसके बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 301 से 400 के बीच होगा तो ग्रेप के दूसरे चरण को लागू किया जाएगा। डीजल जनरेटर पर पाबंदी रहेगी। होटल में कोयले या तंदूर का इस्तेमाल नहीं होगा। पार्किंग फीस बढ़ा दी जाएगी। इलेक्ट्रिक या सीएनजी बसें और मेट्रो सर्विस के फेरे बढ़ाए जाएंगे।
प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपाय
- पानी के छिड़काव के लिए टैंकर नियमित रूप से कूड़ा उठाएं। स्वीपिंग रोस्टर सड़कों की धुलाई कराए।
- सड़कें गड्ढा मुक्त हो और प्राथमिकता से इसे किया जाए।
- नगर निगम, नगर निकाय, नगर पंचायत खुले में कूड़ा न डाले।
ऐसे करे बचाव
- प्रदूषण को कम करने के लिए सबसे पहले पॉलीथिन और टायर जैसी चीजें बिल्कुल न जलाएं।
- ऐसी जगह पर न जाएं, जहां बहुत ज्यादा धुंध है। घर से बाहर मास्क लगाकर निकलें।
- सांस और दिल की बीमारी वाले लोग अपना विशेष ध्यान रखें।
- खराब हवा का बच्चों के दिमागी विकास पर बुरा असर खराब एयर क्वालिटी प्रेग्नेंट महिलाओं के पेट में पल रहे बच्चे तक को भी नुकसान पहुंचा सकती है। प्रदूषण से नाक, गले, श्वास नली, फेफड़े, स्किन और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा रहता है।
दिन और रात के तापमान में हो रही गिरावट
तापमान में शुक्रवार को दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सरदार पटेल कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 32.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.7 दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 77 एवं न्यूनतम आर्द्रता 47 दर्ज की गई।

