नमस्कार,दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। भारत में शेयर बाजारों में खुदरा निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इसी क्रम में गुजरात, एक करोड़ पंजीकृत निवेशकों का आंकड़ा पार करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले यह उपलब्धि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश ने हासिल की थी।
एनएसई ने इसे एक “महत्वपूर्ण उपलब्धि” करार देते हुए कहा कि इन तीन राज्यों का देश के कुल निवेशक आधार में 36% योगदान है, जो भारत में तेजी से बढ़ती इक्विटी संस्कृति और खुदरा निवेशकों की भूमिका को दर्शाता है।
11.5 करोड़ के करीब पहुंचा कुल पंजीकृत निवेशक आधार
मई 2025 तक भारत में एनएसई पर कुल 11.5 करोड़ पंजीकृत निवेशक हो चुके हैं। केवल मई महीने में ही 11 लाख से अधिक नए निवेशक जुड़े, जो पिछले चार महीनों की गिरावट के बाद निवेशकों की नई रुचि और विश्वास को दर्शाता है। यह 9% मासिक वृद्धि के रूप में दर्ज हुई है।
क्षेत्रवार निवेशक आंकड़े
उत्तर भारत: 4.2 करोड़ निवेशकों के साथ शीर्ष पर
पश्चिम भारत: 3.5 करोड़ निवेशक
दक्षिण भारत: 2.4 करोड़ निवेशक
पूर्वी भारत: 1.4 करोड़ निवेशक
पिछले 12 महीनों में?
उत्तर भारत में 24%
पूर्वी भारत में 23%
दक्षिण भारत में 22%
पश्चिम भारत में 17% की वृद्धि दर्ज हुई।
तेजी के बाद आई थोड़ी सुस्ती, फिर भी दिखा स्थिर उछाल
फरवरी 2024 में निवेशकों की संख्या 9 करोड़, अगस्त 2024 में 10 करोड़, और जनवरी 2025 तक 11 करोड़ तक पहुंच गई। हालांकि, इसके बाद की वृद्धि दर थोड़ी धीमी हो गई है।
फरवरी से मई 2025 के बीच औसतन हर महीने 10.8 लाख निवेशक जुड़े।
कैलेंडर वर्ष 2025 की औसत मासिक वृद्धि 19.3 लाख निवेशकों की तुलना में यह संख्या कम है।
लेकिन मई 2025 में देखी गई ताजा तेजी, खुदरा निवेशकों की बाजार में वापसी और नई भागीदारी को संकेत देती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों के अनुसार, खुदरा निवेशकों का यह रुझान दर्शाता है कि आम भारतीय अब शेयर बाजारों को आय और संपत्ति निर्माण का माध्यम मानने लगे हैं। वहीं, तकनीकी पहुंच, डीमैट अकाउंट्स की आसानी, और शिक्षा जागरूकता से भी यह भागीदारी बढ़ी है।

