जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: हरियाणा में प्राइवेट नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75 फीसदी आरक्षण मिलेगा। मनोहर लाल सरकार ने गुरुवार को विधानसभा में विधेयक पारित कर यह सुनिश्चित किया। आरक्षण का लाभ प्रदेश के मूल निवासियों को ही मिलेगा। प्रदेश सरकार में गठबंधन सहयोगी जजपा ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में यह वादा किया था।
नई स्थापित होने वाली व राज्य में पहले से चल रही उन कंपनियों, सोसाइटी, ट्रस्ट व फर्म में यह आरक्षण लागू होगा, जिनमें 10 से ज्यादा कर्मचारी हैं।
नई भर्ती पर ही कानून लागू होगा। 50 हजार रुपये मासिक वेतन तक की नौकरियों पर ही आरक्षण का लाभ मिल पाएगा। सभी को तीन महीने में सरकार के पोर्टल पर पंजीकरण कर बताना होगा कि उनके यहां 50 हजार तक की तनख्वाह वाले कितने पद हैं और इन पर हरियाणा से कितने लोग काम कर रहे हैं।
यह डाटा अपलोड करने तक कंपनियां नए लोगों को नौकरी पर नहीं रख सकेंगी। कंपनी मालिक चाहें तो एक जिले से 10 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारी रखने पर रोक लगा सकते हैं। किसी पद के लिए कुशल कर्मचारी न मिलने पर आरक्षण कानून में छूट दी जा सकती है। इस बारे में निर्णय डीसी या उससे उच्च स्तर के अधिकारी लेंगे।
हर कंपनी को तीन महीने में इस कानून को लागू करने की स्टेटस रिपोर्ट सरकार को देनी होगी। एसडीएम या इससे उच्च स्तर के अधिकारी कानून लागू करने की जांच के लिए डाटा ले सकेंगे और कंपनी परिसर में भी जा सकेंगे। कानून का पालन न करने वाली कंपनियों पर इस कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा के स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन विधेयक, 2020 को सदन में पेश किया, जिसे चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। विपक्षी विधायकों ने इस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रदेश के युवाओं को सब जगह नौकरी का पूरा अधिकार होना चाहिए।
आरक्षण प्रदान करने के पीछे ये कारण गिनाए
दूसरे राज्यों के श्रमिकों की बड़ी संख्या कम वेतन पर कार्य करने को तैयार रहती है। जिससे रोजगार के लिए प्रतिस्पर्धावश स्थानीय आधारिक संरचना, मूलभूत ढ़ाचे व आवास संबंधी सुविधाओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। मलिन बस्तियों का प्रसार होता है, इससे पर्यावरण और स्वास्थ्य के मुद्दों से संबंधित समस्याएं बढ़ती हैं।
प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में रहने वालों की आजीविका की गुणवता प्रभावित होती है। शहरीकरण की उच्च गुणवता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए कम वेतन वाली नौकरियों के लिए स्थानीय उम्मीदवारों को वरीयता देना सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय रूप से वांछनीय है। ऐसी प्राथमिकता आम जनता के हितों में होगी।
नए कानून की विशेषताएं
नए कानून से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने में प्रोत्साहन मिलेगा। योग्य या प्रशिक्षित स्थानीय कार्यबल, श्रमिक, कर्मचारियों के माध्यम से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र को लाभ होगा। उद्योग की दक्षता में वृद्धि होगी। जहां योग्य या उपयुक्त उम्मीदवार उपलब्ध नहीं है, वहां स्थानीय उम्मीदवारों को प्रशिक्षण, अन्य कौशल प्रदान कर योग्य बनाया जाएगा।
यह पल भावुक करने वाला : दुष्यंत
उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने ट्वीट कर कहा कि प्रदेश के लाखों युवाओं से किया उनका वादा आज पूरा हुआ है। सरकार का हिस्सा बनने के ठीक एक साल बाद आया यह पल उनके लिए भावुक करने वाला है।
कोई फीस नहीं, योग्यता के बूते खेलो इंडिया खेलेंगे खिलाड़ी
अगले साल पंचकूला में होने वाले खेलो इंडिया-2021 गेम्स में किसी भी खिलाड़ी से कोई फीस नहीं वसूली जाएगी। इस गेम्स में योग्यता के दम पर ही खिलाड़ी भागीदारी करेंगे। हरियाणा के खेल एवं युवा मामले के राजयमंत्री संदीप सिंह ने इस बात को साफ कर दिया है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या कंपनी खेलो इंडिया 2021 के नाम पर खिलाड़ियों से किसी भी तरह की फीस की डिमांड करती है तो उसकी शिकायत खेल विभाग में की जा सकती है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से खेलो इंडिया-2021 गेम्स से जुड़ी कुछ शिकायतें उनके पास पहुंची हैं। जिनमें बताया गया है कि कुछ व्यक्ति खिलाड़ियों व एथलीट्स को इस आयोजन में भागीदारी दिलवाने के नाम पर उनसे फीस की मांग कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
खेल राज्य मंत्री ने कहा कि यदि खिलाड़ी इन गेम्स में भाग लेने संबंधी कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो खेल विभाग के जिला कार्यालय में अधिकारियों से संपर्क कर निशुल्क जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया-2021 गेम्स के आयोजन का मकसद खिलाड़ियों को अपना टैलेंट साबित करने के लिए एक बेहतर मंच देना है। इन खेलों का हरियाणा से लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। जिसे पूरी दुनिया देखेगी।
मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों और विभाग के बीच कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए खेल विभाग द्वारा खेलो हरियाणा मोबाइल ऐप शुरू किया जाना है। खिलाड़ी इस ऐप को डाउनलोड कर आसानी से देख सकेंगे कि उनके आसपास कौन सा स्टेडियम है।
उस स्टेडियम में खिलाड़ी जाकर आसानी से अभ्यास कर सकेंगे। इसके साथ ही खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं एवं योजनाओं की जानकारी भी इस ऐप के माध्यम से प्राप्त होगी। साथ ही इस एप के जरिये महिला खिलाड़ी अपनी किसी भी समस्या को सरकार व खेल विभाग तक पहुंचा सकेंगी।

