- उपचाराधीन को बुखार है, कोविड रिपोर्ट निगेटिव है तो डेंगू की जांच जरूर कराएं : सीएमओ
वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: जिले में डेंगू सहित वेक्टर बोर्न डिजीज को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि उपचाराधीन को अगर बुखार है और कोविड-19 रिपोर्ट निगेटिव है तो उसकी डेंगू की जांच कराई जाए। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज दोनों में डेंगू की जांच की सुविधा उपलब्ध है। इस साल जिले में अभी तक डेंगू के दो मरीज मिल चुके हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ बीएस सोढ़ी ने बताया मौसम में बदलाव के कारण डेंगू और वेक्टर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस संबंध में ब्लड बैंकों को भी निर्देश जारी कर दिये गये हैं। उन्हें प्लेटलेट्स की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
सभी ब्लड बैंक को अपना स्टॉक पर्याप्त रखना होगा। शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि बीमारियों के बढ़ने पर भी उपचाराधीन को किसी भी तरह से परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया वेक्टर जनित बीमारी कंट्रोल प्रोग्राम के तहत जागरूकता के लिए भी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
मलेरिया विभाग की ओर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लोगों को अपने घरों के आस-पास साफ-सफाई रखने, पानी एकत्रित न होने देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। सीएमओ का कहना है कि डेंगू से डरने की नहीं, इससे बचाव की जरूरत है।
यदि डेंगू हो भी जाता है तो उचित इलाज से उपचाराधीन पांच से सात दिन में ठीक हो जाता है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ शिवांका का गौड़ ने बताया डेंगू संभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। जागरूकता के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से संगोष्ठी आयोजित की जा रही हैं।
सभी चिकित्सा केन्द्रों पर फीवर हेल्प डेस्क बनायी गयी हैं। जिला मलेरिया विभाग की ओर से कूलर व कंटेनर का सर्वे किया जा रहा है। ओपीडी, अत्याधिक आवाजाही वाले स्थानों पर डेंगू से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने वाले बैनर लगाए जा रहे हैं।
डेंगू-चिकनगुनिया के लक्षण
तेज बुखार, डायरिया, सिर में तेज दर्द, भूख न लगना, जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द, स्किन में जलन, स्किन में लाल चकत्ते पड़ना, शरीर में दाने, गले में सूजन
बचाव के तरीके
घर और आसपास साफ पानी इकट्ठा न होने दें। साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। यदि घर में बर्तनों आदि में पानी भर कर रखना है तो उसे ढक कर रखें जरूरत न हो तो बर्तन खाली करके उसे उल्टा रखें। कूलर और गमलों आदि का पानी बदलते रहें। ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर के अधिकतम हिस्से को ढक सकें। मच्छर वाली क्रीम, स्प्रे, मच्छर मारने वाले इलेक्ट्रॉनिक रैकेट आदि का प्रयोग करें। ताजा जूस, अंकुरित अनाज, दलिया, दूध आदि का सेवन करें।

