- लाइन का फाल्ट ठीक करने के बजाय उगाही को जा रहे घर-घर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: माता-पिता के पसीने की गाढी कमाई लगाकर दिन रात मेहनत करने के बाद इलेक्ट्रॉनिक में इंजीनियर की डिग्री हासिल कर पीवीवीएनएल में यह सोचकर नौकरी करने को आए थे कि लोगों के घरों को अंधेरा दूर करेंगे। बिजली के खंबों व लाइनों को दुरूस्त रखेंगे, लेकिन ऐसा हो ना सका। यह दर्द पीवीवीएनएल में नौकरी करने वाले किसी एक अवर अभियंता का नहीं है, जिसे उसने साझा किया।
दरअसल, बिजली महकमे के अभियंताओं का यह साझा दर्द है। और इस दर्द को सहने को वो मजबूर भी हैं क्योंकि नौकरी जो करनी है। लखनऊ में बैठे अफसर हो या फिर विक्टोरिया पार्क में बैठने वाला पीवीवीएनएल के दूसरे बड़े अफसर सभी ने मिलकर बिजली विभाग के अभियंताओं की जिंदगी में भूचाल ला दिया है। कई तो अवसाद में हैं कि क्या सोचकर इलेक्ट्रॉनिक में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। डिग्री हासिल की थी और पावर कारपोरेशन में नौकरी करने आए थे, लेकिन यहां तो राजस्व वसूली अधिकारी बनाकर रख दिया हैं।
घर-घर दे रहे दस्तक
दरअसल, इन दिनों पीवीवीएनएल समेत प्रदेश भर के तमाम डिस्कॉम में अफसर से लेकर संविदा कर्मचारी जो सीढ़ी खींचता है। सभी उगाही अभियान में लगे हैं। दरअसल, लखनऊ से फरमान जो जारी किया गया है कि पिछले रेवेन्यू के अनुपात में इस बार 25 फीसदी रेवेन्यू अधिक जेनरेट किया जाना चाहिए।

लखनऊ से हुकुमनामा जारी करने वाले अफसरों ने यह भी हिदायत दी है कि तमाम काम छोड़कर रेवेन्यू को लेकर जो टारगेट दिया गया है उसको पूरा किया जाए। बड़े साहब का फरमान है इसलिए बिजली महकमे का पूरा स्टाफ जो सारा काम धाम छोड़कर उपभोक्तओं के पीछे बकाये की वसूली के लिए डंडा लेकर पड़ गए हैं।
मीटर लैबों में सन्नाटा
पावर के अवर अभियंताओं व दूसरे तकनीकि स्टाफ का मुख्य काम मीटर लैब को मेनटेन रखना, लोड पर नजर रखना, लोड यदि ज्यादा हो तो उसको ट्रांसफर करना, पावर स्टेशनों को मेनटेन करना, लाइन लॉस रोकने के लिए लाइनों पर नजर रखना, यह देखना कि कहां पर खंभे कमजोर हैं, उनको बदलवाना, जहां हाइटेंशन लाइनें कमजोर या जर्जर हो गयी हैं, उनको बदलवाया जाना।
ट्रांसफार्मरों को मेनेटन रखना सरीखे काम उनकी पहली जिम्मेदारी है, इसी काम के लिए उन्हें सरकार से नौकरी मिली है, लेकिन हो उलटा रहा है। अवर अभियंता के तौर पर जो काम उन्हें करना चाहिए या जो उनकी ड्यूटी का पार्ट है वो काम न कर के इन दिनों तमाम अवर अभियंता बंगल में बिजली के बिलों का बंडल दबाए उपभोक्तओं के दर के चक्कर काट रहे हैं। बकाया बिल जमा करने के लिए मिन्नतें कर रहे हैं।
इसका सबसे बड़ा नुकसान मीटर लैबों में सन्नाटा पसर जाना है, मीटर लैब के स्टाफ की कमी से पहले ही पीवीवीएनएल जुझ रहा है। अवर अभियंताओं समेत जो बाकी स्टाफ है तकनीकि व गैर तकनीकि सभी को उगाही के काम में झोंक दिए जाने के साइड इफेक्ट आने शुरू हो गए हैं। रखरखाव न होने की वजह से बिजली ने भी नखरे दिखाने शुरू कर दिए हैं। सूत्रों ने जानकारी दी है कि आने वाले दिनों में हालात और भी खराब होने हैं।

