- पानी में बह गए प्रभारी मंत्री के दावे, सड़कें बनी तालाब, जलभराव में फंसकर वाहन हुए खराब, लोग हलकान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आखिरकार वो ही हुआ, चंद घंटों की बारिश में शहर जलमग्न हो गया। जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने नगर निगम के अधिकारियों को नालों की सफाई सख्त आदेश देने के बाद भी नालों की सफाई को गंभीरता से नहीं लिया। शनिवार सुबह साढ़े 10 बजे शुरू हुई बारिश करीब दो घंटे बाद रुकी। खैर नगर बाजार, पथरवालान, अहमद रोड, अमीर रोड, पटेलनगर, जली कोठी, नगर निगम रोड, पूर्वा फैयाज अली, पुर्वा महावीर, मकबरा डिग्गी, मकबरा घोसियान, भटीपुरा, रौनकपुरा, प्रेमपुरी, आनंदपुरी, जैन नगर, दशमेश नगर, ईदगाह रोड, बागपत गेट, टीपी नगर, गुप्ता कालोनी, बागपत रोड, साबुन गोदाम, इस्लामनगर, मलियाना, कृष्णपुरी, ईश्वरपुरी, जाटव गेट, पुर्वा इलाही बख्श, पोदीवाड़ा, रामबाग, गांधीनगर, कैशलपुरी, राजेन्द्र नगर, ब्रह्मपुरी, इंदिरा नगर, माधवपुरम, तारापुरी, खुशहाल नगर, मजीद नगर, नूरनगर, लिसाड़ी, श्यामनगर, फतेहउल्लापुर रोड, इस्लामाबाद, गोला कुआं, प्रहलादनगर, सुभाष नगर, पुरानी मोहनपुरी, नेहरू नगर, बेगमबाग, छीपी टैंक, मिशन कंपाउंड, सोतीगंज, बेगमबाग, बेगमपुल आदि क्षेत्रों में जलभराव हुआ।
नगर निगम समेत कई सरकारी दफ्तर जलमग्न
जिन पर पूरे शहर को जलभराव से निजात दिलाने का जिम्मा है, वह नगर निगम दिनभर टापू बना रहा। इसके अलावा संयुक्त आवास आयुक्त, तहसील कार्यालय, घंटाघर बिजलीघर, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि. के अधीक्षण अभियंता कार्यालय, जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, वैक्सीन सेंटर, थाना देहली गेट, थाना रेलवे रोड में टापू जैसा नजारा देखने को मिला। भैंसाली बस अड्डे पर शामली, हरिद्वार, बिजनौर के बस पार्किंग में भी जलभराव के चलते यात्रियों को गंदे पानी के बीच से बसों में बैठना पड़ा।
तालाब बने मेन रोड
मात्र 90 मिनट की बारिश में मेन रोड तालाब बन गए। यहां दुपहिया व चौपहिया वाहन पानी में फंसकर खराब हो गए। दिल्ली रोड पर केसरगंज, डीएन कालेज के आगे, तहसील के सामने और रानी मिल के आगे करीब एक फीट पानी भरने से वाहन खराब हो गए। बेगमपुल रोड पर जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। हापुड़ रोड राम बाग के आगे, शंभूदास गेट के पास, जाकिर कालोनी व हुमायूंनगर के आगे तालाब जैसा नजारा देखने को मिला। गढ़ रोड पर वैशाली कालोनी के आगे, सम्राट पैलेस के पास और रंगोली तिराहे पास जलभराव ने लोगों के समस्या खड़ी की। बागपत रोड पर शंभू नगर, टीपी नगर थाने के आगे, साबुन गोदाम, सीमेंट गोदाम व मेट्रो स्टोर के आगे जलभराव से लोगों को जूझना पड़ा।
छावनी क्षेत्र भी पानी में डूबे
छावनी परिषद की बोर्ड बैठक में कई बार नालों की सफाई का मुद्दा उठा, लेकिन नालों की उचित सफाई नहीं हो पाई। शनिवार को कैंट क्षेत्र में जलभराव ने छावनी परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल खोल डाली। कैंट क्षेत्र में लालकुर्ती, पैंठ बाजार, घोसी मोहल्ला, छोटा बाजार, बड़ा बाजार, हंडिया मोहल्ला, सदर रविन्द्रपुरी, अरविंदपुरी, स्वराज पथ, सीएबी इंटर कालेज के आगे, थाना सदर बाजार रोड, सदर दुर्गाबाड़ी, महताब सिनेमा के पीछे, रजबन के कई मोहल्लों में जलभराव हुआ। उधर, कंकरखेड़ा में शुक्रवार को हुई बरसात ने नगर निगम की भी पोल खोलकर रख दी।
श्रद्धापुरी सेक्टर दो निवासी ठाकुर ओपी सिंह ने बताया कि कंकरखेड़ा में श्रद्धापुरी सेक्टर एक, दो और सेक्टर तीन के अलावा कस्बा बाजार, पैंठ बाजार, बादाम मोहल्ला, शिवलोकपुरी, आंबेडकर रोड, कस्बा चौकी के सामने, खिर्वा रोड पर बुरा हाल था। बरसात व नालों से गंदे दूषित पानी संग गंदगी भी सड़क पर बहने लगी। कुलभूषण शर्मा, राकेश गौड़, ठाकुर ओमप्रकाश सिंह, महेंद्र सिंह, सुनील त्यागी व संजय के मकान में पानी पहुंच गया। डबल स्टोरी में जो भी मकान नीचे थे। उनमें भी गंदा पानी भर गया। स्कूल के कई बच्चे भी गंदे पानी में गिर गए।
कारगुजारी निगम अफसरों की, ठीकरा फोड़ा बारिश पर
बारिश में टापू बन जाएगा शहर यह आशंका जनवाणी ने पहले ही जता दी और हुआ भी ठीक वैसा ही। शनिवार को हुई बारिश ने शहर को टापू में तब्दील कर दिया। घर, दुकान, दफ्तर यहां तक कि नगरायुक्त कार्यालय, कमिश्नरी, वीआईपी सिविल लाइन इलाके तक में पानी भर गया। नगरायुक्त कार्यालय में पानी का भर जाना यह साबित करने के लिए काफी है नालों की सफाई केवल कागजों में हुई है। नालों की सफाई को लेकर नगर निगम अफसरों के दावे खोखले हैं। जिले के प्रभारी मंत्री की नाला सफाई को लेकर नाराजगी नाहक नहीं थी। यह बात अलग है कि प्रभारी मंत्री की नाराजगी के बाद भी निगम अफसरों ने नाला सफाई के लिए हाथ नहीं खोले नतीजा यह हुआ कि शहर पानी पानी हो गया। वहीं दूसरी ओर बारिश के कारण शहर के डूबने का ठीकरा बारिश पर फोड़ दिया गया है।
उधर, नगर निगम के कार्यकारिणी सदस्य पार्षद फजल करीम ने बताया कि जो कुछ शनिवार को हुआ उसको लेकर उन्होंने काफी पहले आशंका जता दी थी। मंडलायुक्त को भी अवगत कराया गया था, लेकिन निदान नहीं किया गया, जिसके चलते शनिवार को वार्ड-82, 83, 84 आदि क्षेत्र में मामूली बारिश पर ही भयानक जलभराव हो गया। ऐसा लग रहा था कि क्षेत्र टापू में तब्दील हो गया। वार्ड-83 के पार्षद रिजवान अंसारी ने भी शहर में पानी जमा होने की मुसीबत के लिए निगम अफसरों को कसूरवार ठहराया। जनवाणी कार्यालय में कॉल कर उन्होंने बताया कि बरसात अगर चार घंटे पड़ गई और अधिकारी न जागे तो भयानक स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। निगम कार्यकारिणी के पूर्व सदस्य अब्दुल गफ्फार का कहना है कि अफसरों में तालमेल नहीं है। कमीशन लालच में अनाप-शनाप काम कराए जा रहे हैं।
इंडस्ट्रियल एरिया में बने जलभराव के हालात
मोहकमपुर इंडस्ट्रियल एरिया में हल्की सी बरसात में ही जल भराव के हालात पैदा कर दिए हैं रोड जल भराव की नौबत आई है।आईआईए पदाधिकारियों के अनुसार स्थिति यह हुई है कि उद्यमियों को जेसीबी मशीन मंगा कर सफाई कराते हुए पानी की निकासी की व्यवस्था करने के लिए बाध्य होना पड़ा। उद्यमियों के अनुसार आईआईए भवन के सामने से होकर दिल्ली रोड से मिलने वाले नाले की चौड़ाई बहुत कम और गहराई अधिक रखी गई है। जिसके कारण नाले में समूचे क्षेत्र का पानी नहीं समा पा रहा है। और वह ओवरफ्लो होने के कारण सड़कों पर और फैक्ट्री की ओर निकल रहा है। बताया गया कि शंभू नगर से दोनों और नाला निकल गया है, लेकिन उसकी चौड़ाई बहुत कम होने के कारण पानी दिल्ली रोड स्थित नाले में नहीं गिर पा रहा है।
नगर निगम की ओर से आईआईए भवन के पास बनाई गई सड़क के दोनों ओर नालों का निर्माण नहीं किया गया है। न ही कोई इंटरलॉकिंग कराई गई है। नाली में मिट्टी फंसी हुई है। किसी प्रकार की सफाई कार्य नहीं किया गया है। जिसके कारण जलभराव होकर फैक्ट्री और रोड के लिए घातक सिद्ध हो रहा है। इस बारे में ठेकेदार से उद्यमियों ने कई बार कहा कि वह नाले का निर्माण करके उसके पानी की निकासी की व्यवस्था कर दे, लेकिन उद्योगों की किसी बात को ठेकेदार ने नहीं सुना है। शनिवार को हुई बारिश के के कारण मुख्य मार्गों के अलावा भी कई फैक्ट्रियों में पानी भरने की शिकायत भी मिली है। उद्यमियों का कहना है कि मौजूदा जल निकासी की चरमराई व्यवस्था के बीच अगर भारी बारिश हुई, तो आईआईए भवन तक में पानी प्रवेश कर सकता है।

