- 24 मई को आवास विकास कॉलोनी में आयोजित होगा हेपेटाइटिस सी जांच शिविर
- सही समय और उचित इलाज से मिल सकती है हेपेटाइटिस सी से निजातः डॉ. दिव्या
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: हेपेटाइटिस सी संक्रामक बीमारी है। अच्छी बात यह है कि इस बीमारी का पता बहुत आसान जांच से चल सकता है और समय पर इलाज मिलने से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। लिवर पर बहुत बुरा प्रभाव डालने वाली यह बीमारी वायरस के कारण उपजती है। यह बातें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने कहीं।
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उनका कहना है कि ज्यादातर लोगों में शुरुआती स्तर पर तीव्र लक्षण नजर नहीं आते। इसी वजह से लोग इलाज में भी देर कर देते हैं। इसके कारण मुश्किलें बढ़ जाती हैं। हेपेटाइटिस सी का संक्रमण कई तरीकों से फैल सकता है।
जैसे-संक्रमित व्यक्ति का खून चढ़ाए जाने पर, असुरक्षित यौन संबंधों से, नशे के इंजेक्शन लगाने वालों को, टैटू या बॉडी पियरसिंग से, बिना स्टरलाइज की गई निडिल्स से, संक्रमित गर्भवती से उसके बच्चे को हो सकता है।
नोडल अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा ने बताया -जनपद में हेपेटाइटिस सी के प्रति लोगों में जागरूकता लाने एवं जांच के लिए शिविर लगाये जाएंगे। पहला शिविर 23 मई को पुलिस लाइन व महिला जेल में लगेगा। जबकि दूसरा शिविर 24 मई को आवास विकास कॉलोनी में लगाया जाएगा |
जिसमें स्वास्थ्य विभाग की ओर से वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा द्वारा निशुल्क जांच की जाएगी तथा हेपेटाइटिस सी के बारे में जागरूक किया जाएगा। जिले में पूरे साल में 12 शिविर अलग-अलग तिथियों में लगाए जाएंगे। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा है कि सभी लोग योजना का लाभ लें।
हेपेटाइसिस सी के लक्षण
तीव्र हेपेटाइटिस सी एचसीवी के साथ होने वाले पहले छह महीनों के संक्रमण को संदर्भित करता है। 60 से 70 से प्रतिशत संक्रमित लोगों में तीव्र चरण के दौरान कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। बहुत कम लोग तीव्र चरण के लक्षणों को महसूस करते हैं।
तीव्र हेपेटाइटिस सी के संक्रमण में भूख कम लगना, थकान, पेट दर्द, पीलिया, खुजली और फ्लू जैसे लक्षण शामिल हैं। आंखों का रंग पीला होना, त्वचा का पीला पड़ना, पेट में ऊपर की तरफ दर्द होना जैसे लक्षण लगातार नजर आयें तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।

