Saturday, March 28, 2026
- Advertisement -

छिपा हुआ अहं

AMRITVANI


विनम्रता आपके आंतरिक प्रेम की शक्ति से आती है। दूसरों को सहयोग व सहायता का भाव ही आपको विनम्र बनाता है। यह कहना गलत है कि यदि आप विनम्र बनेंगे, तो दूसरे आपका अनुचित लाभ उठाएंगे। जबकि यथार्थ स्वरूप में विनम्रता आपमें गजब का धैर्य पैदा करती है। सोचने समझने की क्षमता का विकास करती है। विनम्र व्यक्तित्व का एक प्रचंड आभामंडल होता है। धूर्तों के मनोबल उस आभा से निस्तेज हो स्वयं परास्त हो जाते हैं। जो विमम्र नहीं होते, वे आसानी से धूर्तों के प्रभाव में आ जाते हैं, क्योंकि धूर्त को तो अहंकारी का मात्र चापलूसी से अहं सहलाना भर होता है। जहां विनम्रता होती है, वहां तो व्यक्ति को सत्य की अथाह शक्ति प्राप्त होती है। विनम्रता के प्रति पूर्ण समर्पण युक्त आस्था जरूरी है। मात्र दिखावे की ओढ़ी हुई विनम्रता अक्सर असफल ही होती है। सोचा जाता है, ‘पहले विन्रमता से निवेदन करूंगा, यदि काम न हुआ तो भृकुटि टेढी करूंगा’ यह चतुरता विनम्रता के प्रति अनास्था है, छिपा हुआ अहं भी है। अहंकार सदैव आपसे दूसरों की आलोचना करवाता है। वह आपको आलोचना-प्रतिआलोचना के एक प्रतिशोध जाल में फंसाता है। अहंकार आपकी बुद्धि को कुंठित कर देता है। आपके जिम्मेदार व्यक्तित्व को संदेहयुक्त बना देता है। अहंकारी दूसरों की मुश्किलों के लिए उन्हें ही जिम्मेवार कहता है और उनकी गलतियों पर हंसता है। विनम्रता हृदय को विशाल, स्वच्छ और ईमानदार बनाती है। यह आपको सहज सम्बंध स्थापित करने के योग्य बनाती है।


JANWANI ADDRESS 1

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

उल्लूओं की दुनिया को जानिए

ललित नारायण उपाध्याय उल्लू के नाम से तो आप बचपन...

रुपया पैसा फल फूल गया है

यकीन मानिए, रुपया-पैसा फल फूल गया है। इसके चलते...

पूरा संसार एक रंग मंच हम उसके कलाकार

वास्त्व में रंगमंच जीवंत कला को समझने-सम्मानित करने का...

गिरते रुपये के नुकसान अधिक

बीस मार्च को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने...

Sonia Gandhi: सोनिया गांधी का स्वास्थ्य सुधरा, डॉक्टरों ने बताया जल्द मिलेगी छुट्टी

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी...
spot_imgspot_img