नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ शुरुआत से ही विवादों में घिरी रही है। पहले इसे 11 जुलाई 2025 को रिलीज किया जाना था, लेकिन कुछ धार्मिक संगठनों ने इसके खिलाफ आपत्ति जताते हुए कोर्ट का रुख किया। मामले के कोर्ट में लंबित रहने के कारण फिल्म की रिलीज लगातार टलती गई। अब इस विवाद पर अंतिम मोहर लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी फिल्म को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के बाद ‘उदयपुर फाइल्स’ आज यानी 8 अगस्त 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। फिल्म को लेकर दर्शकों और विरोधी पक्ष, दोनों की निगाहें अब बॉक्स ऑफिस पर इसके प्रदर्शन पर टिकी हैं।
आरोपी मोहम्मद जावेद ने कोर्ट से की रोक की मांग
कन्हैया लाल हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद जावेद ने फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगान से साफ इंकार कर दिया है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की कोर्ट ने फिल्म पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। रोक लगाने वाली याचिका को खारिज करते हुए यह कोर्ट ने आदेश पारित किया। कोर्ट ने कहा कि इस पूरे मामले को याचिकाकर्ता अपने पक्ष में साबित करने में विफल रहा है।
कोर्ट ने फिल्म रिलीज पर रोक लगाने से किया इंकार
कोर्ट ने आगे कहा, ‘फिल्म मेकर ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई इस पर खर्च कर दी है। अगर फिल्म रिलीज नहीं होती है तो उसे समस्या होगी। एक बार जब फिल्म सेंसर बोर्ड द्वारा पास हो जाती है तो रिलीज को प्रभावित करना मुमकिन नहीं होता है। ऐसे में कोर्ट भी फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने में असमर्थ है। आखिर में फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज को अनुमति देते हुए अदालत ने कहा कि इससे कोई नुकसान नहीं होगा। बुधवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) ने फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ से जुड़ी सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिससे इसकी रिलीज का रास्ता साफ हो गया।
फिल्म मेकर्स की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया ने कहा, ‘फिल्म कल रिलीज होनी है। प्रोड्यूसर ने इस फिल्म को बनाने में अपनी जीवन भर की कमाई लगा दी है। कोर्ट को यह भी बताया गया है कि फिल्म में कहीं भी आरोपी का नाम और उसकी भूमिका का जिक्र नहीं है।’

