- एनएच-58 पर अवैध होर्डिंग्स लगाने का सिलसिला बढ़ा
- नहीं हटाए जा रहे टोलवे कंपनी द्वारा होर्डिंग्स, यूनीपोल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ/मोदीपुरम: सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश है कि हाइवे के किनारे पर होर्डिंग्स नहीं लगाये जाएंगे, लेकिन एनएचएआई सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन कर रही हैं। एनएचएआई का कंकरखेड़ा में आॅफिस हैं, फिर भी एनएचएआई की नाक के नीचे कैसे अवैध होर्डिंग्स लगा दिये गए हैं। इससे स्पष्ट है कि अवैध उगाही में एनएचएआई के अफसर भी शामिल हैं, जिसके चलते अवैध होर्डिंग्स सड़क के किनारों पर लगा दिये गए हैं। होर्डिंग्स का करोड़ा का खेल हैं, जिसमें एनएचएआई के अधिकारी भी अपनी भागीदारी निभा रहे हैं।
क्योंकि सबकुछ जानते हुए भी कैसे होर्डिंग्स नहीं हटाये जा रहे हैं। ‘जनवाणी’ ने कुछ तस्वीर कैमरे में कैद की हैं, जिसमें स्पष्ट अवैध होर्डिंग्स हाइवे की सीमा में लगे हुए हैं। नियमानुसार उन्हें हटा देना चाहिए था, मगर नहीं हटाया गया। इससे स्पष्ट है कि एनएचएआई के अफसरों की इसमें संलिप्तता है, जिसके चलते ये अवैध होर्डिंग्स लगे हुए हैं। नियम ये है कि हाइवे की सीमा में ये होर्डिंग्स नहीं लगाये जा सकते हैं। अवैध तो लगाया ही नहीं जा सकता। जिनको स्वीकृति मिली है, उनका भी सीमा का दायरा हाइवे से दूरी निर्धारित की गई हैं, उसका पालन करना होगा।
एनएच-58 पर परतापुर से लेकर टोल प्लाजा पर अवैध रुप से यूनीपोल अवैध होर्डिंग्स लगाने का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। इनके लगने से हाइवे पर अतिक्रमण भी बढ़ रहा है। टोलवे कंपनी द्वारा इन्हे हटाया नही जा रहा है। वही टोलवे कंपनी का दावा है कि वह इन्हें हटाने के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन उन्हे पुलिस फोर्स की उपलब्धता न होने के कारण हाइवे से अवैध यूनीपोल और होर्डिंग्स नही हटे है, जिसके चलते यह हादसों का भी ग्राफ बढ़ा रहा है। परतापुर से लेकर रामपुर तिराहे तक वेस्टर्न यूपी टोलवे कंपनी द्वारा 78 किमी एरिया की देखरेख का जिम्मा है।
इस हाइवे पर देखा जाए तो अवैध होर्डिंग्स और यूनीपोल लगाने की बाढ़ सी आ गई है। परतापुर से लेकर खडौली, कंकरखेड़ा, रोहटा फ्लाई ओवर, खिर्वा चौपला और मोदीपुरम चेकपोस्ट पर अधिकांश अवैध होर्डिंग लगे हुए हैं। इन होर्डिंग्स के लगने से हाइवे पर अवैध कब्जे तो हो ही रहे हैं। साथ ही साथ अतिक्रमण की भी बाढ़ आ रही है। प्राइवेट कंपनियों के ठेकेदारों द्वारा हाइवे पर जबरन इन्हे लगा दिया गया है और हाइवे पर दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ाने में लगे हुए हैं। जिसके चलते आए दिन हाइवे पर एक के बाद एक मौत का सिलसिला बढ़ रहा है।
खोखों, होर्डिंग्स से बढ़े हादसे
हाइवे पर जगह-जगह होर्डिंग्स लगने के अलावा खोखे और स्टाल लगाए हुए है। इससे यहां अतिक्रमण को बढ़ावा मिल रहा है। अतिक्रमण होने से इस हाइवे पर सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी होती है और यात्री हादसों का शिकार हो जाते है। इनके खिलाफ भी अभियान नही चलता। जिसके कारण यहां परेशानी खड़ी हो जाती है।
शाम होते ही रुड़की रोड पर छा जाता है अंधेरा
रुड़की रोड पर शाम होते ही अंधेरा छाया रहता है। अंधेरा होने के कारण रोड पर कई बार गंभीर हादसे हो चुके हैं। तमाम शिकायतों के बाद भी आज तक कोई सुनवाई नही हुई है। मेडा और नगर निगम में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जानबूझकर मामले को अनदेखा कर रखा है। मोदीपुरम फ्लाई ओवर से लेकर बेगमपुल तक रुड़की रोड पर जगह-जगह स्ट्रीट लाइटें लगी हुई है। यह स्ट्रीट लाइटें जलने के कारण यह रोड रोशनी से जगमग रहता था, लेकिन इस रोड पर रैपिड रेल के निर्माण कार्य चलने के कारण अधिकतर स्ट्रीट लाइटें बंद हो गई।

लाइटों के बंद होने के कारण रोड पर अंधेरा छा जाता है। अंधेरा छाने के कारण यहां हादसों का ग्राफ बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को परेशानी से जूझना पड़ता है। रात में अपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी किसी अपराधिक वारदात को अंजाम दे सकते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों की सांसें अटकी रहती है। इस रोड़ पर पॉश कालोनियां बनी हुई है। इन कालोनियों में रहने वाले शाम होते ही परेशान हो जाते हैं। क्योंकि रोड़ पर अंधेरा छा जाता है और इन कालोनियों में रहने वाले लोगों को डर सताने लगता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें की गई, लेकिन शिकायतों के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

