Saturday, May 2, 2026
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आनर किलिंग: प्रेम की खौफनाक सजा

  • प्रेम-प्रसंग से खफा मामा ने मार डाली भांजी
  • घर में घोटा गला और लाश ठिकाने लगाने को जला दी बिटोरे में
  • सख्ती से की गयी पूछताछ में हत्यारे ने किया जुर्म कुबूल, गिरफ्तार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: इस तरह की कथित आॅनर किलिंग के मामले अक्सर खबर बन जाते हैं। प्रेमी जोड़ों को जलाकर मार दिया जाता है। महिलाओं की गला रेतकर हत्या कर दी जाती है। इन सबके बावजूद, पुलिस, गांव की अदालत के गलत फैसले के सम्मान में जानबूझकर कुछ नहीं करती। इन घटनाओं और इनसे जुड़े आंकड़ों के पीछे इनकी कहानियां दबी रह जाती हैं। उन प्रेमी जोड़ों के बारे में, वे किस समुदाय से आते थे, जो उनके साथ किया गया। इन सभी बातों का आमतौर पर जिक्र नहीं होता है। उन प्रेमी जोड़ों के बारे में, यह कि वे कैसे थे, उन्होंने कितना कुछ झेला, खासकर जिस महिला ने यह सब झेला, उन्होंने अपने पहले प्यार में क्या गंवाया और परिवार में उनके दुश्मन कौन थे।

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पुलिस वाले बेखबर रहे और भावनपुर किशोरी की हत्या कर में आॅनर किलिंग की सनसनी खेज वारदात अंजाम दे दी गयी। गांव वालों का कहना है कि यदि पुलिस गश्त पर होती तो शायद बिटोरे में किशोरी को फूंक कर ठिकाने लगाए जाने का प्रयास ना किया जाता, लेकिन पुलिस सोयी रही और हत्या के बाद किशोरी का शव बिटोरे में रखकर फूंक दिया गया। शव को फूंके जाने की खबर भी भावनपुर पुलिस को गांव वालों ने ही दी।

मां से झगड़ा कर थी आयी छिलोरा गांव में

मुंडाली थाना के मऊखास निवासी प्रमोद की 17 वर्षीया बेटी टीशा भावनपुर थाना क्षेत्र के छिलोरा में रहने वाले अपने मामा मोनू व सोने के घर आया जाया करती थी। बताया जाता है कि चार-पांच दिन पहले टीशा का अपनी मां सरीता से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इसके बाद वह छिलोरा में अपने मामा के घर पर आ गयी थी। उसके बाद से वह वहीं पर रह रही थी।

मोबाइल पर किया करती थी बात

टीशा के पिता ने उसको मोबाइल दिलाया हुआ था। वह अक्सर मोबाइल पर ही व्यस्त रहती थी। उसकी यह आदत मामा सोनू को पसंद नहीं थी। इस बात को लेकर मामा कई बार टीशा के साथ डांट-फटकार भी कर दी थी, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं मानी और लगतार मोबाइल पर ही व्यस्त रहती थी। बताया जाता है कि रविवार को वह मोबाइल पर बात कर रही थी। उसी दौरान अचानक सोनू घर पर आया। उसको बात करते देखकर वह आग बबूला हो गया। उसने टीशा से मोबाइल छिन लिया और खुद बात करने लगा। वहीं, दूसरी ओर से किसी युवक की आवाज आयी तो वह आपा खो बैठा।

पहले पीटा, फिर घोट दिया गया गला

गुस्से में सोनू खुद पर काबू नहीं रख पाया। उसने किशोरी को बुरी तरह से पीटा। पीट-पीटकर उसको अधमरा कर दिया। कमरे के फर्श पर पड़ी टीशा पर चढ़ बैठा। उसके मुंह पर तकिया रखकर दबा दिया। टीशा ने खुद को बचाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन हट्टे कट्टे सोनू के आगे उसका प्रतिरोध किसी काम नहीं आया और जैसे-जैसे उसके मुंह व नाक पर तकिये का दबाब बढ़ता चला गया उसकी सांसे भी थमती चली गयीं। कुछ देर बाद उसका बेजान जिस्म फर्श पर पड़ा था।

ठिकाने लगाने को दिया जलाया शव

टीशा को मारने के बाद सोनू ने उसकी लाश को ठिकाने लगाने और खुद को हत्या की इस वारदात से कानून के शिकंजे से बचाने का मंसूबा बनाया। रात के अंधेरे में वह टीशा की लाश को लेकर छिलोरा-औरंगाबाद मार्ग स्थित जंगलों में पहुंच गया। वह अय्यूब के खेत पर जाकर रुक गया और एक बिटोरा तलाश लिया। उसके बिटोरे के भीतर टीशा की लाश धकेलकर आग लगा दी।

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उसको पूरी उम्मीद थी कि बिटोरे में अस्थियों के अलावा कुछ नहीं मिलेगा, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। बिटोरा गीला होने की वजह से उसमें ठीक से आग भी नहीं लग सकी। जिसकी वजह से टीशा की लाश खाक में तब्दील नहीं हो सकी। सुबह ग्रमीाणों ने जब बिटोरे से धुआं निकलता देखा तो छानबीन की गई तो वहां किशोरी की अधजली लाश पड़ी थी। हालांकि उसके पैर पूरी तरह से जल जाने से खत्म हो गए थे।

पिता ने की शिनाख्त

बिटोरे में किशोरी की लाश की खबर पूरे इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गयी। खबर मिलने पर मुंडाली से प्रमोद भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लाश की शिनाख्त टीशा के रूप में की तो परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। परिजनों के शक जाहिर करने पर सोनू से सख्ती से पूछताछ की गयी तो उसने सब कुछ बता दिया। टीशा की हत्या के आरोप में उसको गिरफ्तार कर लिया है।

रात को गश्त नहीं करती भावनपुर पुलिस

सूबे के सीएम से लेकर प्रदेश के पुलिस प्रमुख, एडीजी व एसएसपी लगातार रात्री गश्त की हिदायत दे रहे हैं, लेकिन लगता है कि एसओ भावनपुर पर सीएम योगी और महकमे के आला अफसरों की हिदायत को कोई असर नहीं पड़ रहा है। अपने अफसरों के आदेशों व निर्देशों को गंभीरता से लेना शायद उनकी आदत में शुमार नहीं। यह बात गांव वाले भी कह रहे हैं। गांव वालों का कहना कि जब से भावनपुर थाने की जिम्मेदारी संजय द्विवेदी को मिली है, पुलिस वाले शायद गश्त करना ही भूल गए हैं।

गांव वालों ने बताया कि यदि इलाके में पुलिस रात्रि गश्त पर होती तो हत्यारोपी सोनू टीशा का शव बिटोरे में रखकर फूंक कर उसको ठिकाने लगाने की हिमाकत नहीं करता। लोगों ने बताया कि भावनपुर पुलिस ठंड के डर से गश्त पर नहीं निकलती है। इस बात से सोनू भी अच्छी तरह से वाकिफ था। इसलिए उसने लाश को ठिकाने लगाने के लिए वो वक्त चुना, जब भावनपुर पुलिस रजाई में दुबक जाती है और उसने किया भी वैसा ही।

  • प्रेम-प्रसंग में हुई हत्या

किशोरी किसी से मोबाइल पर बात करती थी। यह बात उसके मामा सोनू को पसंद नहीं थी। जिसके चलते उसने टीशा की हत्या कर दी और लाश को ठिकाने लगाने के लिए बिटोरे में रखकर फूंक दिया। सोनू ने अपना जुर्म कबूल लिया है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। -कमलेश बहादुर, एसपी देहात

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