
भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक की हाल ही में आई रिपोर्ट ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वदेश दर्शन योजना के तहत अयोध्या में संचालित बहुप्रचारित डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में हुए विकट भ्रष्टाचार की ही नहीं, अयोध्या के विश्वस्तरीय विकास की पोल भी खोल दी है। लेकिन आगामी जनवरी में नवनिर्मित ‘भव्य व विशाल’ राम मन्दिर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों प्राण-प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या का रंग-रूप बदलकर ‘त्रेता की वापसी’ करा देने को लिए वहां व्यापक तोड़-फोड़ के बीच खासी आपाधापी में जो कवायदें की जा रही हैं और उनसे सामान्य जनजीवन जिस तरह संकटग्रस्त व दुश्वार हो चला है, उसका कोई सामाजिक या आर्थिक आडिट शायद ही कभी संभव हो।