शिवांगी झांब
बच्चों की परीक्षाएं आने वाली हैं। ऐसे में उनके आहार का ध्यान रखा जाना चाहिए। पौष्टिक आहार से बच्चों का दिमाग स्वस्थ रहता है। शारीरिक रूप से स्वथ रहते हैं। बच्चों को परीक्षाओं में बच्चों को क्या आहार दें, आइए जानें:-
खाने को दें ताजे फल
फलों में जूस और फाइबर होता है जिससे बच्चों का पेट एकदम ठीक रहता है। फलों में मौजूद विटामिन, मिनरल बच्चों का ध्यान एकाग्र करने और मेमोरी बढ़ाने में सहायक होते हैं। विटामिन सी से भरपूर फल बच्चों का इम्यून सिस्टम मजबूत करते हैं जैसे संतरे, कीनू और माल्टा, नींबू, आंवला आदि। केला, सेब,अंगूर, चीकू, अनार, अन्नास जैसे फलों से दिमाग की नसें पुष्ट होती हैं। अच्छे एंजाइम फल काटकर मिलाकर स्नैक्स के रूप में भी दे सकते हैं।
हरी सब्जियां
बच्चों की डाइट में हरी सब्जियों का होना बेहद जरूरी है।
भरपूर मात्र में सब्जियां लेने से कब्ज नहीं होती। हरी सब्जियों के साथ साथ अन्य रंग बिरंगी सब्जियां शामिल कर सकते हैं। बच्चों का नियमित सलाद दें जिससे बच्चों को भिन्न भिन्न प्रकार के विटाामिन और मिनरल्स प्राप्त होंगे। बच्चों के लिए गाजर फायदेमंद है। यह आंखों की थकान को दूर करती है और दिमागी नसों को पोटेशियम प्रदान करती हैं बच्चों को सब्जियां उबाल कर बेक कर या स्टिर फ्राई कर दे सकते हैं। सब्जियों से भरपूर सांभर या भाजी भी बनाई जा सकती है।
दें सीड्स एवं ड्राई फ्रूट्स
परीक्षाओं के दिनों में बच्चा शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक स्ट्रेस से गुजरता है। बीज और सूखे मेवे का रोज सेवन करने से बच्चों की स्मरण शक्ति तेज होती है। अच्छे फैट शरीर के लिए लाभप्रद होते हैं। उसके लिए अखरोट, बादाम, काजू, मूंगफली, अंजीर, अलसी के बीज आदि खाने को दें। मेवों में अन्य विटामिन व मिनरल्स पाए जाते हैं जिन्हें आप भिगो कर या बिना भिगोए भी खा सकूती हैं। बच्चे अगर इस प्रकार न खाना पसंद करें तो आप उन्हें लड्डू, गजक या पट्टी के रूप में भी दे सकती हैं।
तरल पदार्थों का सेवन
ध्यान रखें कि पढ़ाई में व्यस्त होने के कारण बच्चों में पानी की कमी न हो जाए। बच्चा दिन में 8 से 1० गिलास पानी अवश्य पिए। दिन में दो टाइम दूध पीना भी उनके लिए अनिवार्य है। बच्चों को आप बीच-बीच में जूस दे सकती हैं। कोशिश करिए कि आप घर में जूस ही बना कर दें। पानी के बजाय आप बच्चों को नारियल पानी आदि भी पीने को दे सकती हैं।
याददाश्त बढ़ाने के लिए पोषक तत्व
ओमेगा 3 : हरी सब्जियां जैसे पालक और साग में ओमेगा 3 पाया जाता है। वह शरीर को स्वस्थ रखते हैं। अखरोट ओमेगा 3 व ओमेगा 6 फैटी एसिड, विटामिन ई, विटामिन बी 6 से भरपूर होता है। इससे प्राप्त होने वाली पोषकता नर्वस सिस्टम को मजबूत करती है। अलसी के बीजों में भी ओमेगा 3 होता है। फिश में भी ओमेगा 3 पर्याप्त मात्र में होता है।
विटामिन बी1 और बी12 : विटामिन बी1 और बी12 के अच्छे न्नेत हैं मीट, अंडा, बीन्स, मछली आदि। यह स्मरण शक्ति और एकाग्रता को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। इसके अलावा नर्वस सिस्टम के निर्माण में भी मदद करते हैं।
प्रोटीन : प्रोटीन से भरपूर डाइट दिमाग को तेज फुर्तीला ओर कुशाग्र बनाती है। दिमाग स्वस्थ ढंग से काम कर सके, इसके लिए प्रोटीन से भरपूर आहार लेना जरूरी है। इनको प्राप्त करने का न्नेत हैं दूध व दूध से बने पदार्थ, अंडे, बींस, सोयाबीन, हरी सब्जियां, मेवे, मछली और चिकन।
ये चीजें देने में करें परहेज
’पढ़ते समय चिप्स, नूडल्स, चाकलेट, पिज्जा, फिंगर चिप्स या पकौड़े न दें। इनके सेवन से सुस्ती आती है।
’मसालेदार खाना, मैदा या अचार पचने के लिए लंबा समय
लेते हैं जिससे जलन और पेट में गड़बड़ी की शिकायत हो सकती है।
’कोल्ड डिंÑक्स, काफी या चाय में कैफीन मौजूद होता है जिससे आपको चिड़चिड़ाहट, थकान, सिरदर्द, नींद न आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
’भारी खाना शरीर में भारीपन और आलस्य लाता है। ऐसे में बच्चा ध्यान लगाकर पढ़ नहीं पाता।
’जंक फूड और फ्राइड खाना भी बच्चों के लिए नुकसानदेह है।

