Tuesday, March 31, 2026
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प्रयागराज शूटआउट कांड में पहचानों यह कौन, तो इसीलिए व्यथिथ हैं रामगोपाल यादव

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका अभिनंदन और स्वागत है। प्रयागराज में हुए उमेश पाल मर्डर मिस्ट्री का मास्टरमाइंड माफिया अतीक अहमद का बेटा असद बताया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि शूटआउट कांड की सीसीटीवी फुटेज में असद एकदम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अब पुलिस ने बाकायदा फोटो भी जारी कर दिया है जिसमें माफिया पुत्र दिख भी रहा है। इसके अलावा शूटर अरमान, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम और शाबिर के साथ असद पर ढाई ढाई लाख रूपए का इनाम भी घोषित किया जा चुका है।

समाजवादी पार्टी का माफिया को बचाने वाला दर्द खुलकर आया सामने

मंगलवार को समाचार एजेंसी एएनआई के बातचीत में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव का माफिया अतीक अहमद के प्रति प्रेम खुलकर सामने आ गया। वीडियो में रामगोपाल यादव स्पष्ट रूप से बोल रहे हैं कि अतीक के पुत्रों को पुलिस ने पहले ही उठा लिया है और एक को पुलिस एक दो दिन में हत्या कर एनकाउंटर दिखाएगी। इतना ही रामगोपाल यादव पुलिस वालों को इशारों इशारों में धमकी भी दे रहें कि फर्जी एनकाउंटर की जांच होगी और सरकार बदलने पर पुलिस वालों को जेल जानी पड़ सकती है। आप वीडियो देखकर खुद ही समझ सकते हैं।

पुलिस को इस हत्याकांड में अतीक के बेटे असद की तलाश बेसब्री से है। जिसकी तलाश में पूरे प्रदेश की पुलिस अपना जाल बिझाए है। इन सबके बीच एक बात सामने निकलकर आई कि उमेश हत्या के दौरान सारे शूटरों की भूमिका पहले से तय थी। इसका रिहर्सल भी किया गया था।

उमेश पाल और उनके दोनों गनर को कैसे बारी-बारी से ठिकाने लगाना है, ये भी तय हो चुका था। घटना के दौरान अतीक के बेटे असद को गाड़ी में ही रहना था लेकिन वह अचानक जोश में आ गया और बाहर निकल कर उमेश पर ताबड़तोड़ फायर झोंकने लगा।

माफिया अतीक अहमद के बेटे असद के हाथ में थी कमान

उमेश पाल हत्याकांड में वांछित चल रहे अतीक अहमद के बेटे असद ने जुर्म की दुनिया में छह महीने पहले ही कदम रख दिया था। भाई अली और उमर के सरेंडर कर जेल जाने के बाद अतीक गैंग की कमान उसने संभाल ली थी। वह अतीक की तरह ही गुर्गों को हुक्म देता था। माफिया के करीबी उसे छोटे कहकर पुकारते थे और वह गिरोह का संचालन लखनऊ के महानगर स्थित एक फ्लैट से करता था।

महंगी घड़ियों और फोन का शौकीन है असद

सूत्रों का कहना है कि असद महंगी घड़ियों और फोन का शौकीन है। उसके पास कई विदेशी कंपनियों की घड़ियां और फोन भी हैं। मौजूदा समय में वह एप्पल आईफोन प्रयोग करता था। लखनऊ स्थित फ्लैट में छापेमारी के दौरान पुलिस को एक आईफोन भी मिला है।

शूटरों के कोलकाता में छिपे होने की आशंका

सूत्रों की मानें तो अतीक के रिश्ते कोलकाता के बंदरगाह इलाके में तमाम मुस्लिम गद्दी मालिकों से हैं। अतीक ने गद्दी मालिकों के लिए कोलकाता में अपने गुर्गों के जरिए कई वारदातें भी अंजाम दी है। पुलिस को संदेह है कि उमेश पाल की हत्या करने के बाद सारे शूटर प्रयागराज के सैदाबाद में रुके थे। अगले दिन सुबह अलग-अलग जगहों की ओर भाग निकले। इनमें से कुछ शूटरों ने कोलकाता में गद्दी मालिकों के पास शरण ली है। फिलहाल किसी शूटर के विदेश भागने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।

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