Monday, May 11, 2026
- Advertisement -

जिस कोठी को गिराया, उसमें फिर से शुरू हुआ अवैध निर्माण

  • कैंट अफसरों ने गिराया था अवैध निर्माण
  • मानचित्र की आड़ में चल रहा कैंट क्षेत्र में बड़ा अवैध निर्माण, जिम्मेदार ही मौन?

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कैंट का बीआई लाइन वीआईपी इलाका हैं। तमाम आर्मी आॅफिसर भी इसी में रहते हैं। सेना पुलिस भी यहां पर राउंड लेती रहती हैं। फिर भी रातभर मिट्टी के डंपर मिट्टी का भराव करने के लिए दौड़ते रहते हैं। बीआई लाइन की 151, 152 दो कोठी का निर्माण चल रहा हैं। एक तो बिना मानचित्र स्वीकृत बनाई जा रही हैं तथा दूसरी स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण चल रहा हैं। दोनों ही कोठियों में कैंट बोर्ड के अफसरों की सेटिंग से अवैध निर्माण चल रहा हैं।

एक बार अवैध तरीके से बनाई जा रही कोठी को कैंट बोर्ड के अफसर ध्वस्तीकरण कर चुके हैं, लेकिन फिर से सेटिंग का खेल शुरू हो गया हैं। इस कोठी का निर्माण वर्तमान में फिर चालू कर दिया गया हैं। हर रोज जो डंपर मिट्टी लादकर आ रहे हैं, उनके वीडियो ‘जनवाणी’ के पास सुरक्षित हैं। ये वीडियो सीबीआई के सुपुर्द किये जाएंगे। कैंट अफसरों पर अवैध निर्माण को लेकर सीबीआई ने भी शिकंजा कस रखा हैं। फिर भी अधिकारी बेखौफ हैं।

14 9

सीबीआई ने अवैध निर्माणों की सूची भी मांगी थी, फिर भी अवैध निर्माण का सिलसिला थम नहीं रहा हैं। कैंट बोर्ड की कमान सीधे सेना के हाथ में हैं। क्योंकि वर्तमान में बोर्ड भंग चल रहा हैं। इसके बावजूद अवैध निर्माण को लेकर भ्रष्टाचार हो रहा हैं, जो रुक नहीं पा रहा हैं। सेना के अफसरों ने पहले भी इस अवैध कोठी के निर्माण को लेकर सख्ती दिखाई थी, जिसके बाद ही अवैध निर्माण को कैंट बोर्ड के अफसरों ने गिरा दिया था।

तब ये बड़ी कार्रवाई हुई थी, लेकिन चंद माह बाद फिर से कोठी में अवैध निर्माण तेजी के साथ शुरू कर दिया गया हैं। इसके लिए जिम्मेदार अफसरों ने भी मौन साध लिया हैं। अवैध निर्माण को लेकर कोई कुछ भी नहीं बोल रहा हैं। धड़ल्ले से चल रहे अवैध निर्माण को कैंट बोर्ड के अफसरों की मौन स्वीकृति हैं। यही वजह है कि अवैध निर्माण फिर से रात-दिन चालू कर दिया गया हैं। ये अवैध निर्माण अब कैंट बोर्ड अफसरों को दिखाई नहीं दे रहा हैं।

यही नहीं, एक कोठी का मानचित्र स्वीकृत हैं, लेकिन ये कोठी स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बना दी गई हैं। ऐसा आरोप लोग लगा रहे हैं। इसकी भी कैंट अफसरों ने जांच पड़ताल करने की जहमत नहीं उठाई हैं। जब निर्माण अवैध हैं, फिर कार्रवाई करने से कैंट अफसर क्यों बच रहे हैं? इसके पीछे का क्या राज हैं? अवैध निर्माण के मामले में अनुज सिंह की बर्खास्तगी कर दी जाती हैं, लेकिन ये अवैध निर्माण चल रहा हैं।

15 11

इसको लेकर कैंट बोर्ड के अफसर आंखें मूंदे हुए हैं। अवैध निर्माणों को लेकर कैंट बोर्ड के अफसर दोहरी नीति क्यों अपना रहे हैं? किसी कर्मचारी की अवैध निर्माण के मामले में बर्खास्तगी तथा अन्य कर्मचारियों को अवैध निर्माण कराने पर पीठ थपथपाई जा रही हैं। इसमें कैंट बोर्ड के जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही हैं?

अवैध निर्माण की सीबीआई ने पांच हजार फाइल मांगी थी। क्योंकि व्यापक स्तर पर अवैध निर्माण की शिकायत सीबीआई तक पहुंची हैं, जिस पर सीबीआई शिकंजा भी कस रही हैं, मगर फिर भी कैंट अफसरों और इंजीनियरों को खौफ नहीं हैं, तभी तो रात-दिन अवैध निर्माण चल रहे हैं, जिनको रोका नहीं जा रहा हैं।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट का AI चैटबॉट ‘सु सहायता’ हुआ लॉन्च, जानें कैसे करेगा आपकी मदद

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश...

Education News: JEE Advanced 2026 का प्रवेश पत्र जारी, 18 मई को होगी परीक्षा

नमस्कार,दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और...
spot_imgspot_img