- घर बनाने की आड़ में हो रहा अवैध मिट्टी खनन, अधिकारी अनजान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रोहटा रोड, बागपत रोड और हापुड़ रोड अवैध मिट्टी खनन का केन्द्र बन गया हैं। रातभर इन स्थानों पर मिट्टी का अवैध खनन होता हैं, फिर मिट्टी शहर में आपूर्ति की जाती हैं। एक नहीं, बल्कि सौ से ज्यादा डंपर मिट्टी के अवैध धंधे में लगे हुए हैं। घर बनाने की आड़ में मिट्टी का खनन हो रहा हैं। खनन अधिकारी भी ये कहकर आला अफसरों को गुमराह कर रहे है कि किसान मकान बनाने के लिए खनन की स्वीकृति लेकर खनन कर रहे हैं, जबकि मौके पर 10 से 15 फीट गहराई तक जेसीबी मशीन से खुदाई कर खनन किया जा रहा हैं।
किसान को दो मीटर तक ही खुदाई करने की अनुमति हैं, लेकिन एक सर्वे के अनुसार जनपद के दो दर्जन से ज्यादा गांव ऐसे हैं, जो मिट्टी खनन के बड़े सेंटर बन गए हैं। इनके ‘जनवाणी’कई बार स्टिंग भी कर चुका हैं, मगर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जाती हैं। मिट्टी खनन कुछ समय के लिए बंद तो हो जाता हैं, लेकिन फिर से खनन चालू कर दी जाती हैं। कई सफेदपोश भी मिट्टी खनन के काम में लगे हुए हैं, जिनको सत्ता में मौजूद कुछ नेताओं का आशीर्वाद प्राप्त हैं, जिसके चलते मिट्टी का अवैध खनन चल रहा हैं।

मिट्टी खनन हो या फिर रेत खनन, इसको लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद गंभीर हैं। कई अफसरों पर गाज भी गिरा चुके हैं, लेकिन यहां खनन अधिकारी आला अफसरों को गुमराह कर व्यापक स्तर पर खनन करा रहे हैं। कई प्राइवेट लोगों को भी रखा हैं। खुद भी एक प्राइवेट लग्जरी कार से चलते हैं, जिस पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखा हैं। प्राइवेट लोगों को किसकी अनुमति से रखा गया हैं? ये प्राइवेट कर्मचारी कौन हैं? कचहरी स्थित खनन के आॅफिस के इर्द-गिर्द ये प्राइवेट कर्मचारी टहलते रहते हैं।
किसी को भी मिट्टी खनन की अनुमति लेनी हो तो इनसे मीलिए, मिनटों में काम हो जाएगा, लेकिन…। दरअसल, शाम को ये तमाम डंपर रोहटा रोड, बागपत रोड, सरधना बाइपास पर खड़े हुए देखे जा सकते हैं। अंधेरा जैसे ही होता है, ये डीजल की टंकी फुल कराने के बाद मिट्टी खनन जहां हो रही हैं, उस तरफ बढ़ जाते हैं। एक दिन नहीं, बल्कि ये हर रोज हो रहा हैं। इसको क्यों नहीं रोका जा रहा हैं, ये बड़ा सवाल भी है और जांच का विषय भी।

