सहारनपुर: निकाय चुनाव में अन्य दलों की तरह भारतीय जनता पार्टी की धुर विरोधी समाजवादी पार्टी में भी मेयर पद को लेकर मंथन बहुत तेजी के साथ चल रहा है। भले ही कद्दावर नेता कहे जाने वाले पूर्व विधायक इमरान मसूद अप समाजवादी पार्टी में नहीं है लेकिन देहात विधायक आशु मलिक और बेहट विधायक उमर अली के साथ पूर्व मंत्री संजय गर्ग समेत अन्य कई नेता काफी ठोक बजाकर उम्मीदवार को मैदान में उतारना चाहते हैं।
हालांकि डॉक्टर कलीम ने सपाइयों का प्रस्ताव ठुकरा दिया है लेकिन अब किसी और पर दांव लगाने की तैयारी चल रही है। सहारनपुर में महापौर की सीट पर सभी दलों में गुणा भाग शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी में दावेदारों की संख्या सर्वाधिक बताई जाती है। संघ के पुराने कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों में काम कर चुके अजीत चौधरी और डॉक्टर अजय सिंह समेत कई नाम चर्चाओं में है। बसपा ने हालांकि अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं लेकिन वहां भी टिकट को लेकर खींचतान शुरू हो गई है।
जहां तक भाजपा की धुर विरोधी समाजवादी पार्टी की बात है तो पिछले दिनों पूर्व मंत्री संजय गर्ग की अगुवाई में सपा पदाधिकारी डॉक्टर कलीम अहमद के पास गए थे। लेकिन कलीम अहमद ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। समाजवादी पार्टी नए सिरे से मंथन कर रही है। सारा दारोमदार देहात विधायक आशु मलिक पर बताया जाता है। आशु मलिक सपा मुखिया अखिलेश यादव के बहुत करीबी हैं और पार्टी में उन्हीं का दबदबा रहा है। आशु मलिक को तेली बिरादरी से आते हैं और सहारनपुर में मेयर की सीट ओबीसी में गई है तो माना यही जा रहा है कि आशु मलिक अपने किसी चहेते को मैदान में उतारेंगे।
सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि आशु मलिक अपनी धर्म पत्नी को भी मैदान में उतार सकते हैं। यह और बात है कि अभी तक इस तरह का कोई संकेत नहीं है। दरअसल समाजवादी पार्टी बहुजन समाज पार्टी के रुख को देखते हुए अपनी चाल चलेगी। ऐसा भी हो सकता है कि अगर बहुजन समाज पार्टी ने किसी मुस्लिम प्रत्याशी प्रधान लगाया तो समाजवादी पार्टी किसी हिंदू प्रत्याशी को मैदान में उतार सकती है।
यदि ऐसा हुआ तो भाजपा को नुकसान होगा। और यदि बसपा की तरह समाजवादी पार्टी ने मुस्लिम प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा तो इसका सीधे तौर पर लाभ भारतीय जनता पार्टी को होगा। हालांकि पनघट की जगह सपा और बसपा दोनों के लिए कठिन बताई जाती है। मेरे सीट पर इसके पहले भी भारतीय जनता पार्टी ने अपना कब्जा जमाया था और इस बार भी वह पूरी तरह से मैदान में जंग जीतने को आतुर है। बहरहाल प्रत्याशियों के मैदान में उतरने तक तस्वीर साफ नहीं हुई है।