जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के नवीन शैक्षिक सत्र का शुभारंभ हवन के साथ प्रारंभ हुआ। सेवानिवृत्ति के अवसर पर विद्यालय के दो शिक्षकों बृजेश तेवतिया और उषा किरण को भावभीनी विदाई दी गयी।
विद्यालय के नवीन शैक्षिक सत्र का शुभारंभ हवन के साथ प्रारंभ हुआ। प्रबंध समिति के अध्यक्ष ललित माहेश्वरी, प्रबंधक देवेंद्र कुमार गर्ग, विद्यालय कॉर्डिनेटर एवं पूर्व प्रधानाचार्य भूदेव सिंह, समाजसेवी एवं भाजपा नेता सुनील सिंघल, प्रधानाचार्य हरिओम गणपति सहस्त्रबुद्धे ने संयुक्त रूप से माँ शारदे के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तदोपरांत पंडित प्रशांत दूबे ने हवन सम्पन्न कराया। समाजसेवी सुनील सिंघल तथा उनकी पत्नी नीति सिंघल हवन में मुख्य यजमान की भूमिका में रहे। हवन में विद्यालय के समस्त छात्रों एवं शिक्षकगणों ने आहुति दी।
विद्यालय के नवीन शैक्षिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर छात्रों को अपना शुभाशीष प्रदान करते हुए विद्यालय कॉर्डिनेटर एवं पूर्व प्रधानाचार्य भूदेव सिंह ने कहा कि छात्रों के जीवन में धर्म की महत्ता बढ़े, इस निमित्त विद्यालय के नवीन सत्र के प्रथम दिन हवन का आयोजन किया गया। यह विद्यालय छात्रों के लिए केवल शिक्षा का केंद्र ही नही, अपितु एक संस्कार केंद्र भी है।
उन्होंने कहा कि सभी छात्र लक्ष्य बनाकर उसे पूर्ण करने का संकल्प लेते हुए परिश्रम के साथ अध्ययन में जुट जाएं। विद्यालय प्रबंधक देवेंद्र कुमार गर्ग ने विद्यालय परिवार को नवीन शैक्षिक सत्र की शुभकामनाएं प्रदान की तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रधानाचार्य हरिओम गणपति सहस्त्रबुद्धे ने आगन्तुक अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा छात्रों को आगामी शैक्षिक सत्र हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त विद्यालय के दो शिक्षकों बृजेश तेवतिया और उषा किरण की सेवानिवृत्ति के अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा भावभीनी विदाई दी गयी।
प्रबंध समिति के पदाधिकारियों द्वारा दोनों शिक्षकों को स्मृति चिन्ह, शॉल एवं रामचरितमानस की प्रति भेंटकर सम्मानित किया गया। विद्यालय शिक्षक नीलम शर्मा और तेजपाल सिंह ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के विषय में अपने संस्मरण साझा किए। कार्यक्रम का संचालन महेश कुमार ने किया। इस अवसर पर विहिप नेता नितिन तायल, आकाश कुमार आदि के अतिरिक्त विद्यालय के समस्त छात्र एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।