जनवाणी ब्यूरो |
सरूरपुर: दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों के समर्थन में उतरे करनावल के किसानों का मंगलवार को दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। इस दौरान किसानों ने एमएसपी कानून को काला कानून बताते हुए इसे सरकार से दबाव बनाकर वापस लेने का आह्वान किया। इसके लिए किसानों से एकजुटता का आह्वान भी किया गया।
पिछले लगभग एक माह से दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों के समर्थन में करनावल के किसानों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। कृषि कानून एमएसपी सहित तीनों कानूनों के विरोध में एक माह से आंदोलनरत बॉर्डर पर डटे किसानों के समर्थन में आए किसान उपभोक्ता मंच व किसान संगठन करनावल के समर्थन के बैनर तले कस्बा करनावल के बंगले वाले मंदिर में अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत सोमवार को गई थी, जो मंगलवार को भी दूसरे दिन जारी रहा।
आंदोलनरत किसानों के समर्थन में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन में बोलते हुए किसानों ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों में फूट डालने और बरगलाने का काम कर रही है। इसे किसान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और ना ही किसान फूट का शिकार होंगे।

एकजुटता के साथ अपनी मांगों हकों की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ते रहेंगे। उग्र किसानों ने भाजपा सरकार की कथनी और करनी में अंतर बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार को हर हाल में तीनों एमएसपी सहित बनाए गए कानून वापस लेने होंगे, नही तो किसान आखरी दम तक आंदोलन जारी रखेंगे।
धरने में बोलते हुए किसानों ने कहा कि किसान एकजुट है और किसान संगठनों में कोई फूट नहीं है तथा दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसानों के लिए क्षेत्रीय किसान संगठन तमाम प्रयास और आह्नान करके मदद पहुंचाने का काम करते रहे हैं और करते रहेंगे।
अनिश्चितकालीन धरने पर जुटे क्षेत्र के किसानों ने हुंकार भरते हुए कहा कि किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जब तक जारी रहेगा जब तक सरकार झुक नहीं जाएगी और दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसान आंदोलन कानून वापस होने पर वापस नहीं लौट जाएंगे।अनिश्चितकालीन धरने की अध्यक्षता रामफल सिह व संचालन रूपेश ने किया। इस मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित किसानों में राकेश, मनोज, मोटी, वाहिद, सुंदर, दीपक गिरी, राकेश, अरूण, मोंटी, कंवरपाल, रामपाल, प्रवेश, वीर सिंह आदि रहे।

