जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा भारत पर 50% आयात शुल्क (Tariffs) लगाए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। गुरुवार को एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी?
“हमारे लिए हमारे किसानों का हित सर्वोपरि है। भारत कभी भी किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के हितों से समझौता नहीं करेगा। मैं जानता हूं कि इसके लिए हमें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और मैं इसके लिए तैयार हूं। भारत इसके लिए तैयार है।”
India will never compromise on the interests of its farmers. pic.twitter.com/WExdyvkLRU
— PMO India (@PMOIndia) August 7, 2025
ट्रंप टैरिफ विवाद, क्या है मामला?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत भारत से अमेरिका को होने वाले आयात पर कुल 50% टैरिफ लागू कर दिया गया है। ट्रंप ने यह फैसला भारत द्वारा रूस से तेल आयात जारी रखने के खिलाफ उठाया है। पहली 25% टैरिफ किस्त 7 अगस्त से लागू हो चुकी है। दूसरी 25% किस्त 27 अगस्त से लागू होगी। व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में भारत के रूसी तेल आयात को अमेरिका के लिए “असामान्य और असाधारण खतरा” बताया गया है।
भारत की तीखी प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने अमेरिका के इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से जारी बयान में कहा गया “भारत का रूस से तेल आयात पूरी तरह बाजार आधारित है और इसका उद्देश्य देश की एनर्जी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अमेरिकी टैरिफ निर्णय अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण है।” MEA ने आगे कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
पीएम मोदी बोले ‘देश के किसानों से कोई समझौता नहीं’
ट्रंप द्वारा टैरिफ बढ़ाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि भारत झुकेगा नहीं और अगर किसानों के हितों को बचाने के लिए आर्थिक कीमत चुकानी पड़ी, तो सरकार पीछे नहीं हटेगी।

