- सऊदी अरब सरकार ने फ्री वीजा की सुविधा समाप्त की
- दोहरी मार: विमानों के किराये में भी बढ़ोतरी
- हज के साथ उमरा भी हुआ महंगा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हज व उमरा दोनों महंगे हो गए हैं। इसका असर दुनिया भर से सऊदी अरब पहुंचने वाले लोगों की संख्या पर पड़ा है। हज पर प्रति यात्री लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये और उमरा पर प्रति व्यक्ति लगभग 40 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। इसका मुख्य कारण जहां सऊदी सरकार की नीतियां हैं। वहीं, कोरोनाकाल ने भी महंगाई का तड़का लगाया है। दरअसल, कोरोनाकाल से पहले सऊदी अरब सरकार की ओर से जारी होने वाला हज व उमरा के वीजा पर अब शुल्क लगा दिया गया है।
पहले जहां यह वीजा सरकार नि:शुल्क मुहैया कराती थी वहीं अब वीजा के लिए प्रति व्यक्ति 20 हजार रुपये की फीस तय की गई है। सऊदी अरब सरकार के इस फैसले से वहां की सरकार को वीजा के रुप में हासिल होने वाली धनराशि से बड़ी कमाई की उम्मीद है। इस फीस से सरकार का खजाना भरेगा। जहां दुनिया भर से हर साल लगभग 40 से 50 लाख लोग हज की अदायगी के लिए आते हैं वहीं पूरे साल इससे ज्यादा लोग उमरा के लिए सऊदी पहुंचते हैं।
इसके अलावा हज व उमरा के लिए हवाई उड़ानों पर भी शुल्क में वृद्धि हुई है। प्रति व्यक्ति टिकट पर लगभग 10 से 15 हजार रुपये का इजाफा किया गया है। उमरा के लिए हवाई जहाज का जो टिकट पहले 25 से 30 हजार रुपये में मिलता था, वो टिकट अब 40 से 45 हजार रुपये में मिल रहा है। इसके अलावा वहां रहने और खाने के खर्चे भी बढ़ गए हैं।
प्राइवेट टूर एंड ट्रेवल्स एजेंसियां भी दुखी
सऊदी सरकार द्वारा नि:शुल्क वीजा की सुविधा समाप्त किए जाने से जहां आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है वहीं कई प्राइवेट टूर एंड ट्रेवल्स एजेंसियां भी इससे दुखी हैं। हज व उमरा के लिए कई प्राइवेट टूर ले जा चुके मदरसा मुजफ्फरिया के नायब मोहतमिम कारी अफ्फान कासमी के अनुसार जो हज पहले तीन लाख रुपये में हो जाता था उसके लिए अब प्रति व्यक्ति चार से पांच लाख रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। कारी अफ्फान बताते हैं कि इसी तरह जो उमरा पहले 35 से 60 हजार रुपये में हो जाता था उसके लिए अब 75 हजार से एक लाख रुपये अदा करने पड़ रहे हैं।

