- फाइल पीडब्ल्यूडी के पास पहुंची, इनर रिंग रोड प्लान की फाइल बनी फुटबाल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह ने ठंडे बस्ते में पड़ी इनर रिंग रोड की फाइल को फिर से बाहर निकाल दिया हैं। इनर रिंग रोड को लेकर फिर उम्मीद जगी हैं। कमिश्नर खुद अधिकारियों की टीम के साथ बिजली बंबा बाइपास पर गुरुवार को पहुंचेंगे, जहां पर रेलवे के अधबने ओवर ब्रिज को भी देखा जाएगा। यहां जमीन अधिग्रहण कैसे होगी? इसमें क्या बाधा बनी हुई हैं? इन तमाम तथ्यों को लेकर जानकारी ली जाएगी।
अवरोध पैदा करने वाले किसानों से इसको लेकर बातचीत कर रेलवे के ओवर ब्रिज को किसी तरह से पूर्ण कराने के लिए कहा जाएगा, ताकि बिजली बंबा बाइपास पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सकेगी। लंबे समय से इनर रिंग रोड का प्लान चल रहा हैं। इसका प्लान पहले एमडीए ने तैयार किया था। फिर इसकी फाइल पीडब्ल्यूडी के पास पहुंच गई थी। पीडब्ल्यूडी ने इसकी फाइल को फुटबाल बना दिया। कभी फाइल मेरठ तो कभी फाइल लखनऊ पहुंच जाती थी। अंत में पीडब्ल्यूडी ने इनर रिंग रोड बनाने से हाथ खड़े कर दिये थे। अब एनएचएआई शहर की इनर रिंग रोड को बनाने के लिए तैयार हैं।
इसका ऐलान भूतल परिहवन मंत्री नितिन गडकरी भी कर चुके हैं, लेकिन इसके साथ ही भूतल परिवहन मंत्री ने यह शर्त भी लगा दी थी कि जमीन का अधिग्रहण कर एनएचएआई को दे, इसके बाद सड़क का निर्माण एनएचएआई कर देगा। इसी को लेकर कमिश्नर तैयारी करा रहे हैं। इसको लेकर कमिश्नर गुरुवार को 11.30 बजे आयुक्त कार्यालय में तमाम बिन्दुओं को लेकर मीटिंग करेंगे। जलालपुर फाटक, बिजली बंबा बाइपास के निकट अधूरे रेलवे ओवर ब्रिज दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से हापुड़ रोड से कनेक्टर रोड का निर्माण। जली कोठी से बच्चा पार्क तक एलिवेटेड रोड का निर्माण आदि बिन्दुओं को लेकर चर्चा की जाएगी।

