केन्द्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है और भाजपा सरकार जीरो टोलरेंस नीति पर कार्य कर रही है। अधिकारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने के निर्देश दिये जाते हैं, लेकिन यहां कैंट बोर्ड के हालात देखकर ऐसा लगता है कि यहां अधिकारियों पर शायद सरकार के आदेशों को कोई फर्क नहीं पड़ता है। यहां बुधवार को जब डीईओ कैंट बोर्ड सीईओ का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे तो यहां अधिकारियों के रवैये को देखकर कुछ ऐसा ही प्रतीत हुआ। यहां कैंट बोर्ड सीईओ अपने कार्यालय में ही नहीं थे और उनके कार्यालय पर ताला लटका था, जोकि पहली बार ऐसा देखने में आया। विभाग में डीईओ के आने के बाद से हड़कंप मचा रहा। कर्मचारी इधर से उधर दौड़ते नजर आये। जिसे देखकर डीईओ हरेन्द्र सिंह भी आश्चर्यचकित रहे और उन्होंने इस पूरे प्रकरण की वीडियो बनाई और इसे मुख्यालय भेज दिया। आखिर सीईओ नवेन्द्र नाथ तबादला होने के बाद डीईओ को चार्ज क्यों सौंपना नहीं चाहते हैं, ये बड़ा सवाल है। क्योंकि रक्षा मंत्रालय के अनुसार ये एक तरह से अनुशासन हीनता है। क्या इसमें जो हाईवोल्टेज ड्रामा कैंट बोर्ड में बुधवार को चला? क्या इसमें रक्षा मंत्रालय नवेन्द्र नाथ पर कोई कार्रवाई करेगा या फिर रक्षा मंत्रालय के आदेशों की धज्जिया ऐसे ही उड़ती रहेगी?
- बुधवार को लेना था चार्ज, लेकिन नहीं मिले कैंट बोर्ड सीईओ
- कई घंटे कार्यालय में रहे डीईओ, कैंट बोर्ड में मचा हड़कंप
- डीईओ ने कहा मुख्यालय भेजेंगे सभी की रिपोर्ट
- इधर से उधर दौड़ते रहे कर्मचारी, डीईओ ने कराया लेटर तैयार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कैंट बोर्ड आॅफिस परिसर में बुधवार को हालात अजीब थे। लग रहा था यह कैंट आॅफिस नहीं, बल्कि कोई पंचायतघर हैं, जहां पर प्रधान को चार्ज लेने को लेकर जिस तरह से ऊहापोह की स्थिति पैदा होती हैं, वैसी ही स्थिति कैंट बोर्ड परिसर में थी।
कैंट बोर्ड के सीईओ आॅफिस पर ताला लटका था। सीईओ नवेन्द्र नाथ गायब थे। रक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट आदेश था कि नवेन्द्र नाथ सीईओ पद का कार्यभार डीईओ हरेन्द्र सिंह को कार्यभार सौंपेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कार्यभार ग्रहण करने के लिए डीईओ हरेन्द्र सिंह तो पहुंच गए, लेकिन नवेन्द्र नाथ कार्यभार सौंपने नहीं पहुंचे। इस तरह से यहां दिन भर ऊहापोह की स्थिति बनी रही। डीईओ जैसे ही कैंट आॅफिस पहुंचे, तभी कैंट आॅफिस के कर्मचारी कार्यालय छोड़कर भाग गए।

आखिर यह ड्रामा क्या था? इसको कोई समझ नहीं पाया। चर्चा है कि सीईओ नवेन्द्र नाथ बीमारी का बहाना बनाकर घर लेट गए हैं, वह नहीं चाहते कि उनका तबादला मेरठ छावनी से कहीं दूसरी जगह हो, लेकिन उनको प्रमोशन हुआ हैं। ऐसे में तबादले पर जाना ही पड़ेगा। यही वजह है कि कैंट छावनी आॅफिस में दिन भर ड्रामा चलता रहा। इस तरह से खूब जगहसाई कैंट बोर्ड में हुई।
बुधवार को डीईओ हरेन्द्र सिंह के कैंट बोर्ड कार्यालय में सीईओ का अतिरिक्त कार्यभार लेने पहुंचने पर हड़कंप मचा रहा। उनके आने के बाद से ही कार्यालयों में अफरा-तफरी का माहौल रहा और कैंट बोर्ड सीईओ के कार्यालय पर भी ताला लगा रहा। कैंट बोर्ड सीईओ नवेन्द्र नाथ के कार्यालय न पहुंचने के कारण बुधवार को डीईओ हरेन्द्र सिंह सीईओ का चार्ज नहीं ले सके।
मुख्यालय से आदेश के बाद अब गुरुवार यानि आज डीईओ हरेन्द्र सिंह कैंट बोर्ड सीईओ का अतिरिक्त चार्ज संभालेंगे। मेरठ कैंट बोर्ड में सीईओ नवेन्द्र नाथ का प्रमोशन के साथ ट्रांसफर हो चुका है। उन्हें डायरेक्टर बनाकर पूना भेजा जा रहा है। इस संबंध एक पत्र पहले ही कार्यालय को प्राप्त हो चुका था।

उसके बाद उनके ट्रांसफर पर रोक लगी, लेकिन मंगलवार रात्रि को मुख्यालय से पत्र जारी कर डीईओ हरेन्द्र सिंह को कैंट बोर्ड सीईओ का अतिरिक्त चार्ज लेने के आदेश किये गये। इस संबंध में एक पत्र कैंट बोर्ड को भी जारी किया गया। पत्र मिलने के बाद डीईओ हरेन्द्र सिंह बुधवार सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर कैंट बोर्ड कार्यालय चार्ज लेने के लिये पहुंच गये, लेकिन उनके यहां पहुंचते ही कैंट बोर्ड कार्यालय में हड़कंप मच गया।
कर्मचारी इधर से उधर दौड़ते नजर आये। यहां कैंट बोर्ड सीईओ नवेन्द्र नाथ भी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। जिस कारण आगे कार्रवाई नहीं बढ़ सकी। उधर, कार्यालय अधीक्षक जयपाल सिंह तोमर भी किसी मामले में सुनवाई के लिये चले गये। जिसके बाद करीब एक घंटा बाद वह वापस लौटे।
डीईओ ने खुद ही तैयार करें चार्ज के पेपर
डीईओ हरेन्द्र सिंह यहां बुधवार सुबह 11:30 पर कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंच गये थे, लेकिन यहां कार्यालय अधीक्षक नहीं थे। जिस कारण चार्ज से संबंधित पेपर तैयार करने में विलंब हो रहा था। इसी बीच उन्होंने अपने स्टाफ को बुलाकर कैंट बोर्ड के स्टाफ के साथ मिलकर कागजात तैयार कराये। इस दौरान कर्मचारी इधर से उधर कागजात लेकर दौड़ते नजर आये। इस दौरान डीईओ हरेन्द्र सिंह ने बताया कि वह इस विषय में पूरी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेंगे कि किस प्रकार वह दिनभर यहां कार्यालय में रहे।
नहीं पहुंचे कैंट बोर्ड सीईओ
डीईओ हरेन्द्र सिंह कैंट बोर्ड में करीब चार घंटे तक रहे। इस दौरान कैंट बोर्ड स्टाफ की मदद से सभी कागजाद तैयार कराये। बाद में मुख्यालय से आदेश के बाद वह वापस लौट गये। उन्होंने बताया कि पीडी के निर्देशानुसार वह अब गुरुवार यानि आज कैंट बोर्ड सीईओ का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। इस संबंध में पत्र भी जारी हो गया है। उधर, कैंट बोर्ड सीईओ के न पहुंचने पर उन्होंने बताया कि उनकी ओर से भी गुरुवार को चार्ज सौंपे जाने की बात कही गई है वह आज यहां किसी कारणवश नहीं पहुंच सके।
लोगों की समस्याओं को किया जायेगा दूर
डीईओ हरेन्द्र सिंह ने कहा कि सीईओ का अतिरिक्त कार्यभार संभालने के बाद वह यहां के कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मचारियों की ग्रेचयुटी, पेंशन समेत तमाम समस्याओं को दूर कराएंगे। इसके अलावा क्षेत्र की सड़कें, म्यूटेशन, चेंज आॅफ परपस, सब डीविजन समेत जो भी मामले हैं। सभी को कैंट एक्ट के दायरे में रहकर निपटाया जायेगा। कोशिश की जायेगी कि सभी समस्याओं को जल्द से जल्द दूर कराया जाये। उन्होंने कहा कि लोगों की जो भी समस्याएं हैं उन्हें जनता के बीच जाकर सुना जायेगा और उनके निपटारे का प्रयास किया जायेगा।
मुख्यालय से आदेश के बाद कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन यहां सीईओ नवेन्द्र नाथ नहीं मिले, उन्होंने एक दिन का समय मांगा। उधर, पीडी के भी आदेश प्राप्त हो गये हैं कि आज कैंट बोर्ड सीईओ का अतिरिक्त चार्ज लेना है। आज दोपहर बाद कैंट बोर्ड पहुंचकर चार्ज लेंगे। -हरेन्द्र सिंह, डीईओ
आज कागजात सभी तैयार कर लिये गये हैं, लेकिन कैंट बोर्ड सीईओ नवेन्द्र नाथ पिछले कई दिनों से कार्यालय नहीं आ रहे हैं। उनकी तबीयत ठीक नहीं है। आज डीईओ को चार्ज देने की बात कही गई है।
-जयपाल सिंह तोमर, कार्यालय अधीक्षक

