- बेडमिंटन पैरा खिलाड़ियों के रूप में जिले के इकलौते खिलाड़ी है दीपक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: इसे खिलाड़ी का अपमान कहें या उसका दुर्भाग्य। पहले से ही कुदरत की मार झेल रहे होनहार अंतराष्टÑीय स्तर के खिलाड़ी को स्टेडियम में घुसने से ही रोक दिया गया। इस घटना से खिलाड़ी इस कदर आहत हुआ है कि अब मेरठ से बाहर जाकर प्रैक्टिस करने का मन बना लिया है।
बेडमिंटन खिलाड़ी दीपक का आरोप है कि स्टेडियम में प्रैक्टिस करने आने वाले अमीर व अधिकारियों को प्राथमिकता दी जाती है। जबकि वह देश का प्रतिनिधित्व करनें की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उनके साथ भेदभाव करते हुए स्टेडियम में घुसने से ही रोक दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सीएम योगी आदित्यनाथ खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हर सुविधा देने के दावे करते हैं, लेकिन यह दावे खोखले साबित हो रहे हैं। दिव्यांग बेडमिंटन खिलाड़ी दीपक को सरकार से तो किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं मिली, बल्कि उसे मेरठ के कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रैक्टिस करने से भी रोक दिया गया। अब यह खिलाड़ी अपने साथ हुए इस व्यवहार से आहत हुआ है कि वह मेरठ छोड़कर रोहतक में एक एकेडमी में प्रैक्टिस करने चला गया है। जिसका सारा खर्च उसके कोच उठाने को तैयार है।
ब्याज पर रुपये लेकर जा रहे देश के लिए खेलने
देश के लिए खेलने का सपना हर खिलाड़ी देखता है और जब वह तिरंगा हाथ में लेकर मेडल जीतता है तो उसकी चारों तरफ वाहवाही होती है, लेकिन दीपक का देश के लिए खेलने का सपना ब्याज पर लिए गए पैसे से पूरा होगा। दीपक ने बताया कि उसे 17 अगस्त को इंडोनेशिया में होने वाली अंतराष्टÑीय स्तर की पैरा बेडमिंटन प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए जाना है,
लेकिन उसके पास आने-जाने व रहने पर होने वाले खर्च के पैसे नहीं थे। इसके बाद दीपक ने एक निजी फाइंनेंस कंपनी से ब्याज पर एक लाख रुपये लिए, जबकि कुछ पुलिस वालों व दूसरे लोगों ने उसकी आर्थिक रूप से मदद की। जिसके बाद वह अब देश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं।
आहत होने पर छोड़ा शहर
खिलाड़ी दीपक ने बताया कि जिस तरह से उनके साथ स्टेडियम में व्यवहार किया गया है। उससे काफी आहत है और अब मेरठ में प्रैक्टिस करने का मन नहीं है। इस समय वह रोहतक में एक बेडमिंटन एकेडमी में अपनी तैयारी करने चले गए है। उनका कहना है कि वह सुबह आठ बजे स्टेडियम में प्रैक्टिस करने पहुंचे थे तो उस समय कुछ और लोग वहां खेल रहे थे। इसके बाद वह नौ बजे प्रैक्टिस करने कोर्ट में पहुंचे तो वहां पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें कोर्ट से बाहर कर ताला लगा दिया। इस घटना से वह काफी आहत है।
गोल्ट मेडिलिस्ट है खिलाड़ी
खिलाड़ी दीपक ने बताया कि वह मेरठ में अंतराष्टÑीय स्तर के इकलौते पैरा खिलाड़ी है। स्टेट लेवल प्रतियोगिता में वह सिंगल्स में कांस्य व डबल में गोल्ड जीत चुके हैं। अब उनका चयन इंडोनेशिया में होने वाली अंतराष्टÑीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए हुआ है। इसके बाद उन्हें 19 से 25 सितंबर तक युगांडा में होने वाली प्रतियोगिता में भी देश का प्रतिनिधित्व करना है। ऐसे में जब अपने शहर में ही उन्हें अपमान झेलना पड़ रहा है तो आगे क्या कहा जा सकता है।
पैरा खिलाड़ियों के लिए दो कोर्ट सुबह आठ से नौ बजे तक रिजर्व रखे गए हैं। खिलाड़ी देर से स्टेडियम पहुंचा, जबकि उस समय स्टेडियम बंद करने का समय हो चुका था। हमें हर खिलाड़ी का ध्यान रखना होता है। हमारे लिए सभी खिलाड़ी बराबर है। खिलाड़ी द्वारा लगाए गए आरोप निराधार है।
-योगेंद्र पाल सिंह, प्रांतीय क्रीड़ा अधिकारी।

