- मामला पकड़ में आने पर हो सकती है अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: नगर के क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान पर ट्रेनिंग के सामान की नियम विरूद्ध खरीदारी में बड़ा हेरफेर करने की शिकायत पर लखनऊ से जांच के लिए दो सदस्यीय टीम संस्थान पर पहुंची। टीम ने दिनभर रिकार्डो की जांच की। हेराफेरी का मामला पकड़ में आने पर संस्थान के अधिकारियों पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई।
बता दे कि क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान पर स्वयं सहायता समूह, आपदा प्रबंधन, कृषि से संबंधित आदि प्रशिक्षण शिविर चलते है। जिनमें कुछ प्रशिक्षण आवासीय होते है। प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को नाश्ता व दोनों समय का खाना दिया जाता है। खाने-पीने के खर्च के लिए शासन की ओर से मोटा पैसा भेजा जाता हैं।
सामान की खरीदारी के लिए जैम पोर्टल के माध्यम से करने के लिए कहा गया। शिकायत की गई कि संस्थान पर जो भी खरीदारी की गई है वह नियम से हटकर जैम पोर्टल से नहीं करके लोकल फर्मो के माध्यम से कूटेशन बनाकर की गई है। नियम के विरूद्ध की गई खरीदारी में बड़ा हेरफेर करने की आशंका जताई गई है। यह मुद्दा विधान सभा में भी गूंज चुका है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए संस्थान के सयुंक्त डायरेक्टर डीसी उपाध्याय ने जांच बैठा दी। उन्होंने लखनऊ से दो सदस्यीय टीम बनाकर जांच के लिए संस्थान पर भेजी। जांच टीम के पहुंचते ही संस्थान पर हड़कंप मच गया। टीम ने दिनभर रिकार्ड खंगाले। टीम के सदस्य बीडी चौधरी व सुरेश कुमार ने बताया कि अभी जांच चल रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही कुछ बताया जाएगा। इस संबंध में डायरेक्टर डीसी उपाध्याय ने कहा कि यदि जांच में हेराफेरी का मामला पकड़ में आता है तो बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

