- गहरे गड्ढों में गिरकर दोपहिया वाहन सवार हो रहे घायल
- इस ओर से अधिकारियों ने मूंद रखी है आंखें, हालात विकट
जनवाणी संवाददाता |
कंकरखेड़ा: अगर आप किसी शहर में रहते हैं और बेहतर सुविधाओं के लिए टैक्स भरते हैं तो आपको सभी सुविधाएं पाने का भी अधिकार है। ऐसे में आपको हेल्थ, एजुकेशन के अलावा बेहतर सड़क पर चलने का भी अधिकार है, क्योंकि आप इसके लिए सरकार को टैक्स देते हैं। इन सबके बावजूद मेरठ-करनाल हाइवे पर जगह-जगह गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। इस वजह से हर दिन टू व्हीलर और फोर व्हीलर वाले दुर्घटना कर घायल हो रहे हैं।
अचानक सामने गड्ढा आने पर लोग नियंत्रण नहीं कर पाते और बचाने के चक्कर में सामने वाले को भी घायल कर दे रहे हैं। इतना ही नहीं, कई बार लोग खुद को बचाने के चक्कर में भी दूसरों को चोटिल कर दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मेरठ-करनाल हाइवे को इन गड्ढों वाली सड़कों से कब आजादी मिलेगी?
मेरठ-करनाल मार्ग पर कई जगह हालात बहुत बदतर हो गए हैं। इस मार्ग पर नंगलाताशी गांव के सामने गहरे गहरे गड्ढे हो गए हैं। जिनमें बरसात का पानी भरा है। यहां पर दिन में कई बार हादसे हो रहे हैं। हालात इस कदर बदतर हो गए कि कई लोग चोटिल हो जाते हैं, लेकिन सड़क के गड्ढे नहीं भरे जा रहे।
हालांकि इस हाइवे का निर्माण कार्य चल रहा है। फिर भी कुछ अभियान चलाकर गड्ढे तो भरे जा सकते थे। लेकिन अधिकारी योजनाओं पर अच्छी तरह ध्यान नहीं दे रहे। मेरठ-करनाल हाइवे पर निर्माण कार्य चल रहा है। दरअसल इस हाइवे को चार लेन से छह लेन बनाया जा रहा है। इसके अलावा इस रोड पर जगह-जगह मौत के गड्ढे बन गए हैं, लेकिन अधिकारी इस तरह बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे।
यहां पर दिन में कई बार हादसे होते हैं। बाइक व स्कूटी चालक गड्ढे में स्लिप होकर गिर जाते हैं। लेकिन वाहन चालकों के साथ हो रहे हादसों की अनदेखी की जा रही है। सरकार के हालात इस तरह हो गए हैं कि अब हाइवे पर गहरे गड्ढे होने हो गए है, लेकिन उनको भरा नहीं जा रहा। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार बनने के बाद प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिए थे। वह सड़के देहात, नगर, कस्बा या ग्रामीण क्षेत्र के ही क्यों ना हो, लेकिन अब हालात बदतर हो गए हैं। हाइवे पर ही गड्ढे हो गए हैं और उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं दिखाई दे रहा।
कुछ समय तक तो अधिकारी कार्य ठीक करते रहे और सड़कों को गड्ढा मुक्त भी किया, लेकिन अब सड़के गड्ढा मुक्त नहीं हो रही। नेशनल हाइवे को छोड़कर अधिकतर मुख्य मार्गों की भी हालत खराब हो रही है। इधर खिर्वा रोड दो साल से बदतर था। लोगों के वाहन टूटी फूटी सड़कों पर चलकर खटारा हो गए। अब निर्माण कार्य चल रहा है। यहां भी निर्माण कार्य में अनियमितताएं बरती जा रही है। शिकायत करने के बाद कोई सुनवाई नहीं होती।
बार-बार मांग के बाद भी नहीं सुधरी दशा
इस क्षेत्र के नागरिकों ने कई बार जनप्रतिनिधियों को इस सड़क के सुधार करने की मांग की। पर आज तक न तो सड़क सुधरी और न ही लोगों को राहत मिली। जिसके कारण इस क्षेत्र के नागरिक व्यथित हैं। सड़क की उपेक्षा से यह साबित हो जाता है कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारी ऐसे मामलों में कितने संवेदनशील हैं।

