- बिजली के खंभों की स्थिति हो चुकी खराब, विभाग कुंभकर्णी नींद में
- खंभे खा रहे जंग, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिले में सड़क पर निकलना मतलब जान हथेली पर रखकर घूमना। हर पल सिर पर मौत मंडराती रहती है, लेकिन हुक्मरानों को हादसों को इंतजार है। जिले में बिजली के तार हादसों को दावत दे रहे हैं। हर महीने सुविधाओं के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत दावों को खोखला साबित कर रही है।
शहर में झूलते विद्युत तार जानलेवा बन रहे हैं। आए दिन टूटने वाले तारों को लेकर परेशान लोगों की शिकायतों पर भी विभाग नजरअंदाज करता दिखाई दे रहा है। ऐसा लगता है कि शायद उन्हें हादसों का इंतजार है। कई जगहों पर इस तरह के दृश्य देखे जा सकते हैं। पूरे शहर में कहीं भी तारों के नीचे जालियां नहीं है। शहर में गुजर रही लाइन भी जालियों के बगैर हैं। यहां से रोज हजारों की संख्या में बच्चे गुजरते हैं, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की गई।
विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते नगर के बुढ़ाना गेट क्षेत्र में कई विद्युत पोल तथा जर्जर तार बड़े हादसों का संकेत दे रहे हैं। नगर क्षेत्र का भीड़-भाड़ तथा बाजार की जगह होने के कारण गाड़ियों तथा लोगों का आना जाना लगा रहता है। ऐसे में जर्जर तार तथा सड़े हुए खंभे की वजह से एक बड़ा हादसा हो सकता है। बुढ़ाना गेट क्षेत्र में लगे पुराने लोहे के खंभे या तो जंग के कारण गल चुके हैं या कमजोर हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तारों तथा पोलों की देखरेख के अभाव में जर्जर विद्युत तार तथा पोल हादसे को निमंत्रण दे रहे हैं। इन पोलों को लेकर तमाम शिकायतों के बावजूद भी संबंधित अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते हुए किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद विद्युत विभाग के ऊपर कोई प्रभाव नहीं है।

विद्युत पोलों पर लिपटी बेल
विद्युत पोलों से घर तक जा रहे तारों में लोगों के मनी प्लांट की बेल चल रही है। जिससे दुर्घटना होने का खतरा भी बना रहता है। विद्युत विभाग ने शहर के मुख्य रोड पर ज्यादातर लोहे के विद्युत पोल लगा रखे हैं। ये विद्युत पोल बहुत पुराने हो चुके हैं। इस कारण विद्युत पोलों की स्थिति भयानक होती जा रही है। विद्युत पोल पर लोगों के घर के पौधे की बेल बाहर पोल से जुडेÞ तारों में लिपट रही है। जो तारों पर अनावश्यक भार बढ़ाती जा रही है, लेकिन विद्युत विभाग इस ओर से आंखें मूंदे बैठा है।
जंग खा गए विद्युत पोल
विद्युत पोल में नीचे की ओर बड़े छेद हो चुके हैं। वहीं, कुछ विद्युत पोल जंग खाने से नीचे से पुरी तरह से खराब व कमजोर होकर कि सी न किसी दिशा में झुकते जा रहे हंै। स्थिति ये हो चुकी है कि शहर में कई स्थानों पर बिजली की तारों के लिए लोहे के विद्युत पोल का प्रयोग किया हुआ है। यह विद्युत पोल लोहे के होने के कारण जंग और करंट जल्द ही पकड़ लेते हैं।
पोल पर लगा दी पॉलीथिन
जिसके बचाव में विद्युत विभाग ने पोलों पर पॉलीथिन का प्रयोग किया हुआ है। चार से पांच फीट तक बंधी पॉलीथिन करंट को तो रोक लेती है, लेकिन इसकेकारण विद्युत पोलों के निचले हिस्से में बारिश के दौरान पानी जमा हो जाता है। जिससे विद्युत पोलों में जंग लगते हुए पोल नीचे की तरफ छोटे-छोटे छेद होते नजर आ रहे हैं। कुछ विद्युत पोल नीचे से जर्जर हो गए है। यह दुर्दशा किसी बड़े हादसे का संकेत बन सकती है।

