- शीलकुंज बिल्डर पर लगाया दीवार तोड़कर गेट लगाने और लोगों से खींचतान का आरोप
- पल्लवपुरम स्थित बी-पाकेट का है मामला
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: पल्लवपुरम फेज-वन स्थित बी-पाकेट में लगी विवादित दीवार को 50 से अधिक लोगों ने जेसीबी से तोड़कर वहां जबरन लोहे का गेट लगा दिया गया। दीवार-गेट का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। दीवार तोड़ने और गेट लगाने का स्थानीय पार्षद और बी-पाकेट के लोगों ने विरोध किया तो उनके साथ खींचतान कर धक्का दिया गया। दीवार तोड़कर गेट लगाने का आरोप शीलकुंज कालोनी बिल्डर पर लगा है।

पल्लवपुरम फेज-वन में बी-पाकेट वाली रोड पर दीवार लगी हुई थी। कुछ महीने पूर्व दीवार तोड़कर शीलकुंज बिल्डर ने गेट लगवा दिया था। पल्लवपुरम बी-पाकेट वासियों ने कागजों में रास्ता न होने पर गेट तोड़कर दीवार लगवा दी थी। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन हैं। बी-पाकेट निवासी भाजपा नेता राजेशकांत जैन, करण सिंह वर्मा, ओएस त्यागी, यशपाल सिंह, पीके जैन, एसके जैन, बीपी यादव आदि का कहना है कि दस्तावेजों में यहां पर कोई रास्ता नही है।
बिल्डर के 50 से अधिक लोगों ने जबरन जेसीबी मशीन से दीवार तोड़कर गेट लगाया है। विरोध किया तो लोगों के साथ गाली-गलौज, खींचतान और भुगत लेने तक की महिलाओं और अन्य लोगों को धमकी तक दी गई। दोनों पक्षों के लोग आमने सामने थे, मगर सूचना के बाद भी पल्लवपुरम पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। स्थानीय पार्षद प्रदीप वर्मा का आरोप है कि दीवार तोड़कर गेट लगाने वाले शीलकुंज बिल्डर के कर्मचारियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की है।
जबकि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी। दीवार तोड़कर गेट लगाने की प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी तरीके से की गई है। शांतिपूर्ण कार्य किया गया है। कालोनी वालों ने जो भी आरोप लगाए हैं, वह बेबुनियाद हैं।
-जेएस सिंह, मैनेजर, शीलकुंज कालोनी बिल्डरबी-पाकेट के लोगों ने सूचना बाद में दी थी। मैं मौके पर गया था। मामला कोर्ट में बताया गया है। फिलहाल मौके पर पुलिस कर्मी तैनात हैं। तहरीर देते हैं तो दीवार तोड़ने वालों पर केस दर्ज किया जाएगा। -जयप्रकाश यादव, इंस्पेक्टर पल्लवपुरम
विरोध के बावजूद नगर निगम ने चलाया अभियान
मेरठ: लापरवाही की इससे बड़ी मिसाल क्या होगी कि नगर निगम अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाये। भारी विरोध हो, लेकिन निगम अफसर अतिक्रमण को हटाकर ही हटें। इसके आधे घंटे के भीतर फिर से अवैध कब्जा हो जाये तो सवाल उठना लाजिमी है।

जी हां! कुछ ऐसा ही हाल नगर निगम की टीम के साथ पेश आया। नगर निगम के प्रवर्तन दल ने बेगमपुल में पैंठ एरिया में कब्जा किये बैठे दुकानदारों को खदेड़ना शुरू किया। जेसीबी की मदद से दुकानदारो के अवैध चबूतरे तोड़े गये तथा कई अवैध टीन शेड को भी तोड़ दिया गया। यातायात में बाधा बन रहे कई अवैध होर्डिंग्स को भी तोड़ा गया। नगर निगम की इस कार्रवाई का दुकानदारों ने भारी विरोध किया।
उन्होंने अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि गरीबों को ही उजाड़ा जाता है। जबकि अमीरों और दबंगों के अवैध कब्जों पर कुछ नहीं किया जाता है, लेकिन भारी विरोध के बावजूद नगर निगम ने कई अवैध कब्जों को हटाया। लगभग आधे घंटे तक तो पैंठ एरिया में सन्नाटा पड़ा रहा तथा वाहन सरपट दौड़ते रहे, लेकिन आधे घंटे बाद फिर पहले जैसे ही हालात बन गये।

