जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना संक्रमण काल में स्पोर्ट्स मार्केट को गहरा आघात लगा था, लेकिन ओलंपिक के बाद खेल उत्पादों के व्यापार को बूम मिला है। वहीं, टी-20 विश्व के चलते क्रिकेट सामग्री की भी डिमांड बढ़ी है। ऐसे में स्पोर्ट्स मार्केट को साल के अंतिम महीनों में अच्छा व्यापार मिल रहा है।
कोरोना संक्रमण में सभी खेलों के बंद होने के कारण खेल उत्पाद के व्यापार को काफी नुकसान हुआ था। जिससे अब व्यापारी उबरने लगे हैं और मार्केट को अच्छा व्यापार भी मिलने लगा है। गौरतलब है कि मेरठ के खेल उत्पाद देश-विदेश में निर्यात किए जाते हैं। जिसकी वजह से यहां के खेल उत्पादों की गुणवत्ता।
ओलंपिक में भारतीय जैवलिन थ्रोअर नीरज चौपड़ा के स्वर्ण पदक जीतने के बाद जैवलिन की भारी डिमांड बढ़ी है। सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट से सिर्फ यूपी में ही नहीं बल्कि आसपास के प्रदेशों में यह भेजा जा रहा है। मेरठ के बने जैवलिन हरियाणा तक के खिलाड़ी भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
उधर, टी-20 विश्व कप भी शुरु हो चुका है। जिससे देश भर में क्रिकेट की लहर है। ऐसे में स्पोर्ट्स मार्केट में क्रिकेट उत्पादों की डिमांड भी बढ़ने लगी है। जिससे साल भर पड़ा सुखा खत्म हुआ है। स्पोर्ट्स गुड्स व्यापार संघ के व्यापारियों का कहना है कि ओलंपिक के बाद जैवलिन की डिमांड काफी बढ़ी थी। परिजन भी अपने छोटे बच्चों तक के लिए भी जैवलिन की मांग कर रहे थे। वहीं, अब क्रिकेट के माहौल के चलते युवाओं में क्रिकेट उत्पादों की मांग है। जिसके लिए काफी आॅर्डर भी आ रहे हैं।
अच्छा व्यापार मिलना हुआ शुरू

ओलंपिक के बाद से ही स्पोर्ट्स मार्केट को अच्छा व्यापार मिलना शुरू हुआ है। नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक जीतने के बाद से जैवलिन की और आईपीएल व टी-20 विश्व कप शुरु होने से क्रिकेट उत्पादों की डिमांड बढ़ी है। यहां के उत्पाद अन्य प्रदेशों में भी भेजे जा रहे हैं।
-अनुज सिंघल, अध्यक्ष, सूरजकुंड स्पोर्ट्स गुड्स व्यापार संघ

