- जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद तय होगी अग्रिम कार्रवाई
- 30 मिनट नाश्ता, पांच मिनट में सील की पूरी हुई कार्रवाई
जनवाणी संवाददाता |
मवाना: आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े की पोल खुलने के बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम मवाना पहुंची और थाने के सामने स्थित कमल हॉस्पिटल पर सील लगा दी। लगभग 30 मिनट तक चाय-नाश्ता करने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पांच मिनट में ही सील करने की कार्रवाई पूरी की। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सीएमओ के निर्देश पर गठित टीम की जांच पूरी होने के बाद ही आगे कार्रवाई की दिशा तय होगी। तब तक हॉस्पिटल पर सील बरकरार रहेगी।
यह था मामला
मेरठ के एक अस्पताल में आयुष्मान योजना में आॅपरेशन कराने वाले एक मरीज की जब तबीयत बिगड़ी तो डिस्चार्ज कार्ड पर डाक्टर का नाम देखकर मरीज सीधे ही डा. शरत के पास न्यूटिमा अस्पताल में पहुंच गया था। तब डाक्टर को यह देखकर हैरत हुई कि उसके नाम की फर्जी मुहर लगाकर व इस्ताक्षर कर सर्जन डा. राहुल ने खेल किया है। मामले की शिकायत डा. शरत ने स्वास्थ्य विभाग से की व थाने में तहरीर देने की बात कही थी।

वहीं, सर्जन डा. राहुल मवाना के कमल अस्पताल में भी सर्जरी करने लगभग रोजाना आते हैं। डा. शरत व डा. राहुल के बीच हुई बातचीत की आॅडियों में कमल हॉस्पिटल मवाना का नाम भी सामने आया था। तभी से कमल हॉस्पिटल अधिकारियों के रडार पर आ गया था।
30 मिनट तक बंद कमरे में हुआ नाश्ता
डिप्टी सीएमओ डा. सुधीर, डा. जावेद हुसैन व आयुष्मान योजना में कार्यरत जिया उल हक की टीम कमल हॉस्पिटल पहुंची। मेरठ से ही दूसरी गाड़ी में साथ आए अस्पताल संचालक के साथ टीम ने अस्पताल में प्रवेश किया। अस्पताल के कमरे में अंदर बैठकर अधिकारियों ने अस्पताल संचालक के साथ चाय नाश्ता किया। करीब 30 मिनट बाद कमरे से टीम बाहर निकली और अस्पताल में राउंड मारकर मुख्य गेट पर ताला लगाकर सील लगा दी।
श्री भूषण अस्पताल की करतूत, एक और नामी चिकित्सक को बताया अपने पैनल में
जालसाजी करते हुए आयुष्मान योजना का लाभ देने के नाम पर अनजान डाक्टर द्वारा इलाज करने वाले श्री भूषण अस्पताल में फर्जी तरीके से शहर के नामी चिकित्सकों को अपने पैनल में शामिल बताया गया। इसकी शिकायत होने के बाद सीएमओ ने अस्पताल पर सख्त कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया साथ ही उसमें सील भी लगा दी गई।
अब एक और चिकित्सक ने इसी अस्पताल के पैनल में उन्हें बिना बताए शामिल करने का आरोप लगाया है। गढ़ रोड स्थित श्री भूषण अस्पताल में भ्रष्टाचार किस हद तक फैला है इसका उदाहरण एकबार फिर से समानें आया है। शहर के मशहूर डाक्टर विश्वजीत बैम्बी, एमबीबीएस, एमडी(मेडिसन) ने श्री भूषण अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सीएमओ को लिखे शिकायतपत्र में कहा है कि दोषी अस्पताल के स्टाफ व मालिक ने उनका नाम भी अपने इलाज करने वाले चिकित्सकों की सूची में शमिल कर रखा था।
जबकि वह पिछले पांच सालों से न्यूटिमा अस्पताल की ओपीडी में अपने मरीजों को देखते है। यहीं पर जरूरत पड़ने पर मरीजों को भर्ती कराया जाता है। जबकि श्री भूषण अस्पताल द्वारा उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया। यहां तक की कागजों में उनके पिता का नाम भी नहीं लिखा गया है। साथ ही उनका रजिस्ट्रेशन नंबर भी गलत दिखाया गया है। वह न्यूटिमा के अलावा अपनी क्लीनिक कृष्णा राज पर भी मरीजों को देखते है।
साथ ही पिछले पांच सालों में वह केवल विशेष आग्रह पर धनवंतरी व मेडिवर्स अस्पतालों में भी मरीजों को देखने जाते रहे है जो उनके रिकार्ड में है। जिस तरह से श्री भूषण अस्पताल ने उनके नाम का दुर्उपयोग किया है उसको लेकर उनकी शिकायत पर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
डाक्टर विश्वजीत बैम्बी ने भी उन्हें लिखित शिकायत की दी है। इसकी जांच कराई जा रही है, अभी और भी नामी चिकित्सकों द्वारा उनका नाम इस्तेमाल होने की बात सामनें आ रही है। तीन दिनों का समय है, जितनी भी शिकायते आएंगी उनकी जांच करने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
-डा. अखिलेश मोहन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

