जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कर्नाटक पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और नागरिक अधिकार प्रवर्तन शाखा के महानिदेशक डॉ. के. रामचंद्र राव को अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित कर दिया गया है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत के आदेश पर राज्य सरकार ने 1993 बैच के कर्नाटक कैडर के इस आईपीएस अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबन के आदेश जारी किए।
राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, रामचंद्र राव वर्तमान में कर्नाटक पुलिस की नागरिक अधिकार प्रवर्तन शाखा के महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गंभीर विवाद का रूप ले चुका है।
मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से मुलाकात नहीं कर सके राव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद सामने आने के बाद रामचंद्र राव ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और गृह मंत्री जी. परमेश्वर से मुलाकात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें दोनों से मिलने का अवसर नहीं मिला। गौरतलब है कि निलंबित डीजीपी रामचंद्र राव अभिनेत्री रान्या राव के पिता भी हैं।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेलगावी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वायरल वीडियो में तीन क्लिप जोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो, यदि दुर्व्यवहार का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
राव की सफाई: AI से बना फर्जी वीडियो
निलंबन के बाद रामचंद्र राव ने अपनी सफाई में कहा कि वायरल वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने और पेशेवर रूप से नुकसान पहुंचाने की साजिश है। राव ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही क्लिप का स्रोत उन्हें ज्ञात नहीं है और इसे जानबूझकर फैलाया जा रहा है।
Government of Karnataka suspends DGP Director of Civil Rights Enforcement, Dr K. Ramchandra Rao, a 1993 batch Karnataka cadre IPS officer, with immediate effect, after his objectionable video went viral. pic.twitter.com/Aplkckge7y
— ANI (@ANI) January 20, 2026
भाजपा ने सरकार पर साधा निशाना
इस मामले को लेकर विपक्षी पार्टी भाजपा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सुरेश कुमार ने कहा कि सरकार प्रभावशाली अधिकारियों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि राव के कथित आचरण से पूरे पुलिस महकमे की छवि धूमिल हुई है और आम जनता का भरोसा डगमगा सकता है। भाजपा ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
JDS का तीखा हमला
वहीं, जनता दल सेकुलर (JDS) ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने कहा कि खाकी वर्दी की गरिमा को भूलकर किसी अधिकारी द्वारा महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार करना अक्षम्य अपराध है। JDS ने कहा कि इस घटना से पूरे पुलिस विभाग का सिर शर्म से झुक गया है।
बढ़ सकता है राजनीतिक और प्रशासनिक संकट
महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाए जा रहे वीडियो के वायरल होने के बाद कर्नाटक में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बड़ा तूफान खड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। अब सबकी निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

