- कोरोना की वजह से भी विलंब से हुआ था निर्माण चली गई थी लेबर
- सरपट दौड़ेंगे वाहन, डामर की सड़क बनकर हुई तैयार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: खिर्वा बाइपास पर अंडरपास का निर्माण करीब-करीब फाइनल हो गया है। काली सड़क बन गई हैं, जिस पर फिलहाल एंट्री तो नहीं दी गई, लेकिन काली सड़क बन गई है। सड़क के बीच में जो डिवाइडर बनना था, वह अभी बाकी है। हालांकि खिर्वा बाइपास पर अंडर पास निर्माण एक वर्ष पहले होना चाहिए था, लेकिन इस निर्माण में देरी हुई है। यही वजह है कि इसके इस्टीमेट में भी वृद्धि हुई है।
उधर, एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना कॉल की वजह से भी निर्माण विलंब से हुआ है। कोरोना के चलते काम पूरी तरह से बंद हो गया था, जिसके चलते लेबर भी चली गई थी। काम करने वाले श्रमिक बिहार व पूर्वी यूपी के थे, जिसके चलते लंबे समय तक काम बंद रहा हैं।
खिर्वा बाइपास पर अंडर पास व मोदीपुरम में पल्हैडा में भी अंडरपास का निर्माण किया गया। ये दोनों निर्माण कार्य एक साथ चालू हुए थे। इसमें खिर्वा बाइपास पर अंडरपास का निर्माण अब फाइनल चरण में पहुंच गया है। अंडरपास का पुल तो बहुत पहले बन चुका है, लेकिन अपरोच रोड अधूरी थी, जिसको फाइनल किया जा रहा है।
काली सड़क बना दी गई है। यदि एनएचएआई के अधिकारी चाहेंगे तो आम जनता के लिए रोड खोली जा सकती हैं, लेकिन अब 15 मार्च तक इंतजार करना होगा। क्योंकि कहा जा रहा है कि 15 मार्च को अंडरपास को जनता के लिए खोला जा सकता हैं। यदि इसके उद्घाटन की औपचारिकता की जाती है तो फिलहाल यह अंडरपास जनता के लिए नहीं खोला जाएगा।
इसका निर्माण पूरा होने से जनता को बड़ी राहत मिलेगी। क्योंकि खिर्वा बाइपास पर जाम की समस्या बनी रहती थी। लंबे समय से जनता जाम की समस्या से त्रस्त थी। आखिर इस जाम से अंडरपास के चालू होने के बाद बड़ी राहत मिलेगी। सड़क के बीच में डिवाइडर बनाया जाएगा, जिस पर अगले दो दिन में काम चालू किया जा सकता है। डिवाइडर का निर्माण पूरा होने के बाद ही इसे चालू किया जा सकता है।

