Wednesday, March 4, 2026
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रैपिड में ‘खुराफात’ की तो खैर नहीं

  • प्रत्येक यात्री की सर से लेकर पैर तक स्कैनिंग कर होगी जांच
  • नमो भारत ट्रेन आधुनिकतम सुरक्षा प्रणाली से हुई लैस
  • प्रत्येक रैपिड ट्रेन में 36 सीसीटीवी कैमरे होंगे

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: भारत की स्मार्ट रैपिड (नमो भारत) ट्रेन में यदि किसी भी असमाजिक तत्व ने कोई भी खुराफात करने की जरा भी कोशिक की तो वो वहीं धरा जाएगा। इसके लिए रैपिड को बेहद आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस किया गया है। हाईफ्रीक्वेंसी कैमरों से लेकर कई आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। रैपिड के यात्रियों से लेकर आरआरटीएस इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए रैपिड प्रशासन ने हर संभव प्रयास किए हैं। रैपिड कम्पार्टमेंट से लेकर रेपिड स्टेशनों पर किसी भी गैर कानूनी गतिविधि की पहचान के लिए आरआरटीएस ने आधुनिकतम तकनीकों पर आधारित सुरक्षा प्रणाली को प्रमोट किया है।

20 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रैपिड के पहले चरण के पांच स्टेशनों वाले प्रायोरिटी सैक्शन का उद्घाटन किया था। प्रायोरिटी सैक्शन के पांचों स्टेशन (साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई एवं दुहाई डिपो) नवीनतम तकनीकों से लैस आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (एआई) की जद में हैं। यही सुरक्षा रैपिड के मेरठ सहित अन्य सभी स्टेशनों पर रहेगी। इसके अलावा रैपिड व रैपिड स्टेशनों के हर कोने पर हाईफ्रीक्वेंसी कैमरें लगाए गए हैं। यहांं दो स्तरीय निगरानी सुनिश्चत की गई है। एक स्टेशन स्तर पर दूसरी केन्द्रीय स्तर पर।

कहने का मतलब है कि रैपिड एवं इसके स्टेशनों पर सुरक्षा के लिहाज से परिन्दा भी पर नहीं मार सकता। प्रत्यके रैपिड ट्रेन 36 सीसीटीवी कैमरों से लैस होगी। इसके अलावा एक डेडिकेटेड सुरक्षा नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे यात्रियों की सुरक्षा और असमाजिक तत्वों की निगरानी करेगा। यह नियंत्रण कक्ष हर पल सुरक्षा कर्मियों के सम्पर्क में भी रहेगा। रैपिड स्टेशनों में प्रवेश के समय यात्रियों की सुरक्षा जांच मल्टी जोन डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) द्वारा की जाएगी। डीएफएमडी प्रत्येक यात्री को सर से पैर तक पूरी तरह स्कैन कर जांचेगा।

इसके अलावा स्टेशन प्रवेश पर बैगेज स्कैनर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की खूबियों से लैस होंगे। इन सभी आधुनिक तकनीकों के माध्यम चीजें कोई भी प्रतिबंधित वस्तु न तो रैपिड ट्रेन में जा सकती है और न ही स्टेशन पर। बताते चलें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने रैपिड और रैपिड स्टेशनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ) के हवाले की है।

रैपिड की सुरक्षा के लिए क्विक रिएक्शन टीम, बम डिटेक्शन टीम और डिस्पोजल स्क्वाड के साथ साथ डॉग स्क्वाड टीम भी तैनात रहेगी। कुल मिलाकर रैपिड एवं उसके स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था ऐसी की गई है कि यदि किसी भी असामाजिक तत्व ने कोई भी खुराफात करने की कोशिश की तो वो वहीं धरा जाएगा।

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