- खंद्रावली में दिनदहाड़े हुए दोहरे हत्याकांड में दो फरार
- गांव में तनाव के चलते पुलिस-पीएसी बल तैनात
जनवाणी संवाददाता |
कांधला: गांव खंदरावली में हुए दोहरे हत्याकांड पुलिस ने आरोपी ग्राम प्रधान को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने हत्यारोपी के कब्जे से तमंचा व कारतूस भी बरामद किए हैं। अभी इस हत्याकांड में नामजद दो हत्यारोपी फरार हैं। दिनदहाड़े हुए इस दोहरे हत्याकांड से गांव में दहशत बनी हुई जिसको लेकर वहां पुलिस व पीएसी बल तैनात किया गया है।
कांधला थाना क्षेत्र के गांव खंदरावली में शनिवार को दिन दहाड़े ही कर्मबीर और राहुल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड उस समय हुआ था जब गांव में गन्ना समिति की बैठक चल रही थी। इस दोहरे हत्याकांड में मृतक कर्मबीर के भाई प्रदीप ने ग्राम प्रधान सोमपाल, पुत्र सुधांशू व विक्की के खिलाफ कांधला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
मंगलवार को कांधला पुलिस को उस समय सफलता हाथ लगी जब पुलिस ने हत्या के मामले में नामजद आरोपी ग्राम प्रधान को अवैध असलाह व कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि ग्राम खंद्रावली में पंचायत भवन में गन्ना पर्यवेक्षक की बैठक के स्थान को लेकर एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष पर फायरिंग की घटना में दो लोग घायल हुए थे जिनकी बाद में मौत हो गई थी। घटना की गंभीरता के मद्देनजर डीआइजी सहारनपुर और एसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर हत्या में शामिल आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश कांधला थाना प्रभारी को दिए थे।
वहीं गिरफ्तारी के लिए तीन अन्य टीमों को लगाया गया था। 22 दिसंबर को कांधला पुलिस ने सूचना के आधार पर दिल्ली-शामली रोड पर हार्टनिक प्लांट के नजदीक रजवाहे की पुलिया से दोहरे हत्याकांड में नामजद ग्राम प्रधान सोमपाल पुत्र अजब सिंह को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल अवैध तमंचा व चार कारतूस बरामद हुआ है।
36 सालों का है प्रधान सोमपाल का आपराधिक इतिहास
कांधला क्षेत्र के गांव खंद्रावली में डबल मर्डर के आरोपी ग्राम प्रधान का लंबा आपराधिक इतिहास है। 36 साल पहले प्रधान के खिलाफ हत्या का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि खंद्रावली के मौजूदा ग्राम प्रधान सोमपाल के खिलाफ 36 सालों में 27 मुकदमें दर्ज हुए। जिनमें सहारनपुर जनपद के रामपुर मनिहारान में वर्ष 1984 में हत्या का पहला मामला दर्ज किया गया था।
इसके बाद 1987 में शामली जनपद मुजफ्फरनगर में सोमपाल ने हत्या की घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद 1989, 90 और 1993 में किडनेपिंग के चार मुकदमें दर्ज किए गए। इनमें से एक मुकदमा थाना मंडी सहारनपुर और अन्य कांधला थाने में दर्ज किए थे। 1994 में गंगोह थाने में अपहरण व अपहरण की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया गया था।
1995 में कांधला थाने में जानलेवा हमला करने और गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। 1998 में उमेश कुमार गोयल अपहरण कांड सबसे चर्चित हुआ था। एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि सोमपाल के खिलाफ दर्ज 27 मुकदमों में संगीन धाराओं में मुकदमें दर्ज हैं।

