Sunday, March 22, 2026
- Advertisement -

गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों से डगमगाया रसोई का बजट गैस सिलेंडर के दामों में लगातार वृद्धि से महिलाएं परेशान, गृहणियों के चेहरे पर छाई मायूसी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एक तरफ जहां पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, वहीं, गैस के दाम भी बढ़ गए हैं। गैस सिलेंडर के दाम में 75 रुपये की वृद्धि हो गई है। अचानक दाम बढ़ने से जहां आम आदमी पर महंगाई की मार पड़ रही है। वहीं, महिलाओं की रसोई का बजट बिगड़ गया है। गैस सिलेंडर के दामों में लगातार वृद्धि से महिलाएं परेशान हो गई हैं।

घरेलू गैस सिलेंडर पहले 815 रुपये था, जोकि अब 898 रुपये में मिलेगा। गैस के बढ़े दाम सुनकर महिलाएं हैरान हैं। पिछले कुछ महीनों से हर महीने दो-चार रुपये गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ रहे थे, लेकिन अक्टूबर माह में अचानक इतनी बड़ी राशि के बढ़ने से लोगों में मायूसी है।

घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद गृहणियों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। गृहणियों का कहना है कि इतनी महंगाई में वह घर कैसे संभालें। आए दिन रसोई गैस सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी हो रही है। इस बात को लेकर महिलाएं काफी चिंतित हैं। एक तरफ कोरोना की मार के चलते आम आदमी मुसीबतों से जूझ रहा है।

दूसरी तरफ गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से घर का खर्च निरंतर बढ़ता ही जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि गैस के लगातार दाम बढ़ने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। उनका कहना है कि वह 898 का सिलेंडर भरवाएं या फिर अपने बच्चों को पाले। सरकार को आम जनता की तरफ भी ध्यान देना चाहिए और लगातार बढ़ती महंगाई पर लगाम लगानी चाहिए।

एक तो वैसे ही बेरोजगारी है, दूसरा सिलेंडर के दाम भी आसमान छू रहे हैं। ऐसे स्थिति में घर चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। महिलाओं ने केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की है। महिलाओं ने कहा कि केंदÑ सरकार को जनता के हित को ध्यान में रखकर गैस सिलेंडर के बढ़े हुए दाम को वापस लेना चाहिए। इससे मध्यम वर्ग के लोगों के लिए परेशानी हो रही है। गैस सिलेंडर के लगातार दाम बढ़ने से बजट गड़बड़ा गया है।

चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर महिलाएं

गैस सिलेंडर के बढ़े हुए दामों ने ग्रामीण महिलाओं को फिर से चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर कर दिया है। परेशान ग्रामीण महिलाओं ने अब दोबारा से अपने घर के चूल्हे जलाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि सरकार को बढ़ती महंगाई पर लगाम लगानी चाहिए।

गांव में इतनी आमदनी नहीं है कि वह इतना महंगा सिलेंडर भरवा सकें। उनका कहना है कि इतनी महंगाई में बच्चों का पेट पालना ही मुश्किल हो गया है। ऐसे में गैस सिलेंडर पर लगातार बढ़ रहे दामों ने चूल्हा जलाने पर मजबूर कर दिया है। महिलाओं ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को उज्जवला योजना के तहत घर-घर गैस कनेक्शन दिलवाए, लेकिन अब सिलेंडर के दाम बढ़ने से उज्जवला योजना धूल फांक रही है। गांव-देहात के घरों में महिलाएं अब चूल्हे जलाकर परिवार का खाना बनाते हुए दिखाई दे रही हैं।

इससे पहले ये महिलाएं गैस सिलेंडर पर खाना बनाती थीं, लेकिन लगातार गैस सिलेडर के दामों में इजाफा होने के बाद दोबारा से चूल्हा पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। महिलाओं का कहना है कि बेरोजगारी के बाद महंगाई ने चिंता और बढ़ा दी है। इसलिए उन्होंने सिलेंडर को कोने में रख दिया है और चूल्हे पर खाना बना रही हैं। महिलाओं ने गैस की बढ़ी कीमतों पर रोष व्यक्त किया।

a

महिलाएं बोली-महंगाई में घर का खर्च कैसे चलाएं
एलपीजी गैस के दाम बढ़ने से घर का बजट बिगड़ गया है। घर के खर्च में कटौती करनी पड़ रही है। सरकार को गैस सिलेंडर के दाम कम करने चाहिए। सरकार ने हर महीने रसोई गैस की कीमत बढ़ाकर गरीब परिवार की कमर तोड़ दी है। इतनी महंगाई में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। गैस सिलेंडर के दामों में हो रही मूल्य वृद्धि से आम आदमी परेशान है। दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रहा है, लेकिन अब सब्सिडी के नाम पर कुछ भी नहीं आ रहा है।
-रीना सिंघल, सदर

b

कभी सब्जियों के भाव बढ़ जाते हैं तो कभी गैस सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी हो रही है। हर दिन रसोई का बजट बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे ही चलता रहा तो आम आदमी अपनी आमदनी से दो वक्त की रोटी भी सही ढंग से नहीं खा पाएगा। सरकार को गैस सिलेंडर के बढ़े दामों को वापस कम करना चाहिए। जिससे आम जनता को घर चलाने में कोई कठिनाई न हो।
-निधि अग्रवाल, साकेत

c

महंगाई के कारण रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। सरकार गैस के दाम तो बढ़ा रही है, लेकिन लोगों को कितनी सब्सिडी मिलेगी, इसका किसी को पता नही है। हर माह गैस सिलेंडर कीमतों में कुछ न कुछ वृद्धि हो रहा है, जिससे उपभोक्ता काफी परेशान हैं। सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर पर पैसे बढ़ाकर आम लोगों की कमर तोड़ने का काम किया है।
-प्रिया, परतापुर

d

कभी सोचा नहीं था कि अचानक से घरेलू गैस इतने रुपयों तक पहुंच जाएगी। मध्यमवर्गीय परिवारों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि लगातार बढ़ते हुए दामों से उनका बजट बिगड़ रहा है। सब्सिडी भी अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है। सरकार को अब चाहिए कि रसोई गैस के दामों के सही करने के लिए कोई न कोई उचित कदम उठाए। क्योंकि ईंधन की उपलब्धता प्रत्येक परिवार में सही कीमतों में मिलना बेहद महत्वपूर्ण और आवश्यक है।
-गौरी गोयल, शास्त्रीनगर

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Gangaur Vrat 2026: गणगौर पूजा आज, जानें समय, नियम और विधि

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

World News: ईरान संकट पर ट्रंप का सियासी संकेत, जंग रोकने के विकल्प पर विचार

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति चुनाव...

Punjab News: अमृतसर वेयरहाउस मैनेजर Suicide Case, मंत्री का इस्तीफा, जांच जारी, सियासत गरम

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अमृतसर...

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश में बस में लगी भीषण आग, विधायक समेत 37 यात्री सुरक्षित

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले...
spot_imgspot_img