जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कोलकाता के अस्पताल में हुई जघन्य वारदात के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने आरजी कर अस्पताल में तोड़फोड़ पर कहा- वीडियो में तिरंगा लिए भाजपा के लोग देखे गए हैं। हालांकि इससे पहले भाजपा नेता सुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि ममता बनर्जी ने टीएमसी के गुंडों को आरजी कर मेडिकल कॉलेज के नजदीक प्रदर्शन कर रहे लोगों के पास भेजा था। सियासी आरोप-प्रत्यारोप के बीच सीबीआई ने पांच डॉक्टरों को समन भेजा है।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद बोलीं सीएम ममता बनर्जी
राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात के बाद राजभवन से बाहर निकलीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, कल जिन लोगों ने आरजी कर अस्पताल में तोड़फोड़ की और ये हंगामा किया उनका आरजी कर मेडिकल कॉलेज के छात्र आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। उत्पात बाहरी लोगों ने किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मेरे पास तीन वीडियो हैं। मैंने जितने भी वीडियो देखे हैं, उसमें कुछ लोग राष्ट्रीय ध्वज थामे हुए हैं, वो बीजेपी के लोग हैं। कुछ डीवाईएफआई के लोग भी हैं जो सफेद और लाल झंडे थामे हुए हैं। कल कोलकाता पुलिस पर भी हमला हुआ।’ ममता ने कहा कि उपद्रव और अफरा-तफरी के माहौल में भी धैर्य नहीं खोने के लिए वे पुलिस को बधाई देना चाहती हैं। पुलिस ने किसी को चोट नहीं पहुंचाई। बकौल मुख्यमंत्री, ‘अब केस हमारे हाथ में नहीं है, पूरा मामला सीबीआई के हाथ में है, अगर आपको कुछ कहना है तो सीबीआई को बताइए, हमें कोई आपत्ति नहीं है।’
डॉक्टरों की हड़ताल और आरजी कर कॉलेज-अस्पताल की जघन्य वारदात पर मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘जहां तक मुझे जानकारी है, मैं छात्रों को दोष नहीं दूंगी… घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, हम अभी भी कह रहे हैं कि दोषी को फांसी होनी चाहिए… हमने सीबीआई को सारे दस्तावेज दे दिए हैं।’ ममता ने कहा, जब तक पश्चिम बंगाल पुलिस जांच कर रही थी, तब तक कुछ भी लीक नहीं हुआ… मेरी और बंगाल की जनता की संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं… यह बहुत बड़ा अपराध है, और इसकी एक ही सजा है कि आरोपियों को फांसी होनी चाहिए, अगर अपराधी को फांसी होगी तभी लोगों को इससे सबक मिलेगा लेकिन किसी निर्दोष को सजा नहीं मिलनी चाहिए।
सीबीआई ने पांच डॉक्टरों को समन भेजा

सीबीआई की विशेष अपराध शाखा, कोलकाता ने पांच डॉक्टरों को समन भेजा है। इन डॉक्टरों से आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई जघन्य वारदात के संबंध में पूछताछ की जाएगी। सीबीआई ने निलंबित किए गए एमएसवीपी संजय वशिष्ठ, छाती रोग विभाग के एचओडी अरुणव दत्ता चौधरी, फॉरेंसिक मेडिसिन की एसोसिएट प्रोफेसर रीना दास, फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग से मौली बनर्जी और अपूर्वा बिस्वास को भी तलब किया था।

