- पुलिस के खिलाफ की नारेबाजी, न्यायालयों में कराया कार्य बंद, डीएम को राज्यपाल को प्रेषित दिया ज्ञापन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गाजियाबाद कोर्ट रूम में लाठीचार्ज के विरोध में शहर के वकीलों ने कचहरी परिसर के बाहर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार हंगामा किया। उन्होंने डीएम को एक ज्ञापन देते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वकीलों ने हनुमान मंदिर के सामने रोड को जाम कर दिया और धरना देकर बैठ गए। सूचना पर पुलिस पहुंच गई और वकीलों को समझाने की कोशिश में लगी रही।
युवा अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर में घूमकर सभी न्यायालय में चल रहे कार्य को बंद करा दिया। विरोध जताने के लिए वह कुछ देर तक सड़क पर भी बैठ गए। इस दौरान अधिवक्ता चमन भारती ने कहा कि गाजियाबाद की घटना पुलिस के खराब रवैए के कारण हुई। इसके साथ एडवोकेट मीनल गौतम ने कहा कि गाजियाबाद में वकीलों पर अपराधियों की तरह लाठीचार्ज किया गया। इसको कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कार्रवाई नहीं की गई तो वकील आंदोलन करेंगे।
वकीलों ने पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए समय देते हुए फिलहाल प्रदर्शन खत्म कर दिया है। आगे की रणनीति तय करने के लिए वकीलों ने बैठक भी की। इस दौरान एडवोकेट रामकुमार शर्मा, विनोद काजीपुर, सालाउदिन गाजी, एडवोकेट सुशील शर्मा, यशोदा यादव, सचिन तोमर, अमरदीप, अनुभव, ऋषभ पराशर, अनुभव, आशीष त्यागी, सुमित यादव, योगेश, चंदन त्यागी, शुभम जैन आदि युवा अधिवक्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मंदिर में जल रहे दीये से लगी आग
कंकरखेड़ा: आर्यनगर कॉलोनी में मंगलवार दोपहर मकान के अंदर बने मंदिर में जल रहे दीये से मकान में भयंकर आग लग गई। आग लगने से मकान में रखा लाखों रुपये का कीमत सामान जलकर राख हो गया। सूचना पाकर पहुंची फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। कंकरखेड़ा के सरधना रोड स्थित आर्य नगर कॉलोनी में गगन, मां, पत्नी और बेटे के साथ रहता है। गगन माल रोड स्थित एमईएस में ठेकेदारी का कार्य करता है। गगन ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार सुबह वह आफिस चला गया था। घर पर उनकी मां, पत्नी व बेटा थे।
मकान में बने मंदिर में मंगलवार दोपहर जल रहा दीया चूहे ने मंदिर के अंदर गिरा था और उसके बाद जलता हुआ दीया अचानक चावल के कट्टों पर जा गिरा। तभी अचानक से पूरे कमरे के अंदर आग फैल गई। आग को लगते देखकर उसकी पत्नी ने सास और बेटे को मकान से बाहर निकाल और पड़ोसियों को सूचना दी। पड़ोसी ने दौड़कर घर के अंदर रखे चारों सिलेंडरों को बाहर निकाला। पानी व रेत डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम और तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची। एक घंटे की मशक्कत के बाद किसी तरह फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। इस दौरान घर का काफी सामान जलकर राख हो गया था। पीड़ित के अनुसार लगभग डेढ़ लाख रुपये से अधिक का सामान जलकर राख हो गया है। वहीं, इस संबंध में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी।

