Wednesday, April 1, 2026
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जातिवाद छोड़कर भारतीय संस्कृति का करें अनुकरण

जनवाणी संवाददाता |

शामली: श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर सत्यानंद गिरी महाराज ने कहा बेटा वह होता है जो कि संपत्ति के बंटवारे पर अधिक ध्यान देता है जबकि पुत्र वह होता है जो अपने माता पिता की सेवा करते हुए सभी कर्म करें। तभी वह अपने कुल की मर्यादा का मान रख पाएगा।

शामली शहर के कैराना रोड स्थित बैंकट हॉल में विश्व हिंदू महासंघ के समरसता सप्ताह के तहत कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर सत्यानंद गिरी व साध्वी सविता देवी जमुना दास ने प्रतिभाग किया। महामंडलेश्वर ने कहा कि हमें अपने धर्म से जुड़ना चाहिए, जातिवाद की जो कुप्रथा हिंदू समाज में है उससे हमें जल्द से जल्द विरक्त होना होगा। कोई भी जाति बिरादरी का व्यक्ति हो उसे अपनी जाति बिरादरी नहीं, सिर्फ और सिर्फ इतना कहना है कि वह हिंदू है क्योंकि सत्य सनातन धर्म संस्कृति को मानने वाला प्रत्येक व्यक्ति हिंदू है और हम सबको उसी दशा में हिंदू बनना होगा।

साध्वी सविता देवी ने कहा कि जिस प्रकार से आज हिंदू धर्म ग्रंथ का अपमान किया गया है उसका कारण यही है कि हम सब लोग जाति बिरादरी में बंट गए हैं। हमें जाति बिरादरी को भूलकर सिर्फ यही ध्यान रखना है कि हम हिंदू हैं।

इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक मंडल प्रभारी पंकज वालिया, मनोज सैनी, नरेश उर्फ बिल्लू, रवि दयाल, दीपक कुमार प्रजापति, राजेश चौहान, रविन्द्र कालखंडे, बिट्टू कुमार, अरविंद कौशिक, मनीष नामदेव, शशिकांत सिरोहा, सुधीर शास्त्री, गोरक्ष प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष रामकुमार उर्फ आशु सैनी, बिट्टू चौधरी, राजीव धीमान आदि मौजूद रहे।

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