Tuesday, March 3, 2026
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कैपिटल हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित

  • सरधना विधायक अतुल का सीएमओ दफ्तर पर हंगामा
  • लिफ्ट टूटकर गिरने के मामले में सीएमओ ने की कार्रवाई
  • अतुल ने सभी अस्पतालों में लिफ्ट और उपकरणों की जांच की मांग उठाई

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: हापुड़ रोड पर एल ब्लॉक तिराहा स्थित कैपिटल हॉस्पिटल में लिफ्ट टूटकर गिरने से महिला की मौत के मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अशोक कटारिया ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक लाइसेंस निलंबित रहेगा, तब तक इस अस्पताल में किसी मरीज को भर्ती नहीं किया जा सकेगा। उधर, सरधना विधायक अतुल प्रधान ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया और जिले के सभी नर्सिंग होम व प्राइवेट अस्पतालों में लिफ्ट और अन्य उपकरणों की जांच कराने और इनमें खामियां पाए जाने पर अस्पतालों को बंद करने की मांग की।

दरअसल, गुरुवार को कैपिटल हॉस्पिटल में किठौर थाना क्षेत्र के गांव बहरोड़ा निवासी 28 वर्षीय करिश्मा पत्नी अंकुश को प्रसव कराने के भर्ती किया गया। अस्पताल के प्रथम तल पर आपरेशन थियेटर में बच्ची को जन्म देने के बाद करिश्मा को भूतल पर कमरे में शिफ्ट करने के लिए लिफ्ट से नीचे लाया जा रहा था कि तभी लिफ्ट टूट गई थी, जिसमें फंसकर करिश्मा की मौत हो गई। इस घटना के बाद लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की थी। सीएमओ डा. अशोक कटारिया भी मौके पर पहुंचे थे और अस्पताल को सील करा दिया था।

इस मामले में सीएमओ ने कैपिटल हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया। आगे की कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी। उधर, सरधना विधायक अतुल प्रधान अपने समर्थकों के साथ सीएमओ कार्यालय पहुंचे और उक्त घटना को लेकर हंगामा किया। उन्होंने सीएमओ से जिले के सभी प्राइवेट नर्सिंग होम व अस्पतालों में लिफ्ट व अन्य उपकरणों की जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा कि घरों के अंदर नर्सिंग होम चल रहे हैं और उनमें घटिया लिफ्ट व अन्य उपकरण का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं

और मरीज तीमादार घटना का शिकार हो रहे हैं। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों, प्राइवेट नर्सिंग होम की लिफ्ट और अन्य उपकरणों की जांच कराई जाए और यदि कोई कमी या लापरवाही वहां मिलती है तो ऐसे अस्पतालों, नर्सिंग होम को बंद किया जाए। सीएमओ ने उन्हें अस्पतालों की जांच करने का भरोसा दिया।

करिश्मा को लिफ्ट से निकालने में स्टाफ ने नहीं की कोई मदद

मेरठ: सैन्य कर्मी की पत्नी करिश्मा की मौत मामले में लोहिया नगर पुलिस ने हॉस्पिटल के मालिक, मैनेजर, डिलीवरी करने वाली महिला डाक्टर व स्टाफ पर मुकदमा लिख लिया है। आरोप है कि लिफ्ट में फंसी करिश्मा को निकालने के बाद परिजनों ने स्टॉफ से जब इलाज करने को कहा तो उन्होंने हाथ तक लगाने से मना कर दिया और कहा कि किसी दूसरे हॉस्पिटल ले जाएं। परिजन उसको गढ़ रोड रोड स्थित एक बड़े अस्पताल में ले गए। वहां डाक्टर नहीं मिले। उसके बाद मिलिट्री हॉस्पिटल लेकर गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

मिल्ट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराने के करीब 15 मिनट बाद करिश्मा को मृत घोषित कर दिया गया। मृतका के पति अंकुश मावी पुत्र रिछपाल की तहरीर पर पुलिस ने कैपिटल हॉस्पिटल के मालिक कपिल त्यागी, मैनेजर नरेन्द्र, महिला डा. कविता भाटिया तथा स्टाफ के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। तहरीर में में अकुंश ने हॉस्पिटल में सामूहिक लापरवाही बरते जाने के आरोप लगाए हैं।

महिला डाक्टर से की जाएगी पूछताछ

एसपी सिटी आयुष विक्रम ने यह भी बताया कि करिश्मा का उपचार डा. कविता भाटिया की देखरेख में चल रहा था। अस्पताल के अंदर से मिले रजिस्टर में पुलिस को डा. कविता भाटिया का नाम मिला है। पुलिस डा. कविता भाटिया से भी पूछताछ करेगी। पुलिस ने महिला को स्ट्रेचर पर लेकर आ रहे राजा उर्फ भूरा और वसीम निवासीगण समर गार्डन से पूछताछ की।

पौन घंटे लटकी रही उल्टी

कैपिटल अस्पताल की लिफ्ट के अंदर महिला का पैर फंसने से 45 मिनट तक उल्टी लटकी रही। पुलिस और दमकल की टीम को बुलाकर लिफ्ट को कटर से काटा गया और लकड़ी की बल्लियों से गेट को तिरछा करने के बाद ही महिला को निकाला गया। तब तक महिला पूरी तरह से बदहवास हो चुकी थी। दरअसल, प्रसव होने के कारण इतने समय उल्टी लटकने से उसकी मौत हुई है।

खुशी के पलों को लगा गम का ग्रहण

मेरठ: बहरोड़ा निवासी ऋषिपाल के घर जो पल खुशियों से जगमगाने चाहिए थे, उनमें गमों का अंतहीन अंधेरा छा गया। लिफ्ट हादसे में जवान पुत्रवधू की मौत से परिवार में कोहराम मचा था। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार सुबह पहुंचे शव का गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। बृहस्पतिवार को मेरठ के एल ब्लॉक तिराहे के पास कैपिटल हास्पिटल के लिफ्ट हादसे में मौत का शिकार हुई प्रसव पीड़िता करिश्मा की शादी छह वर्ष पूर्व किठौर के बहरोड़ा निवासी ऋषिपाल सिंह के छोटे बेटे अंकुश से हुई थी।

अंकुश राजौरी के सैन्य अस्पताल में कार्यरत है। बृहस्पतिवार को जन्मी नवजात के अलावा अंकुश के बड़ी बेटी ईवा (5) है, जो परीक्षितगढ़ के केवी पब्लिक स्कूल में यूकेजी की छात्रा है। ईवा का जन्मदिन पांच दिसंबर है। ये तिथि ऋषिपाल के परिवार के लिए खुशियों का प्रतीक थी। इस दिन को अंकुश और करिश्मा बेटी ईवा के जन्मदिन के रूप में मनाते थे। संयोग से करिश्मा को दूसरी बेटी भी बृहस्पतिवार पांच दिसंबर को ही हुई।

दूसरी बेटी के जन्म के दौरान करिश्मा के पास मौजूद उसके भाई, मां, पति और सास की खुशियां दोगुनी हो चलीं थीं कि काल ने इन्हें गम का ग्रहण लगा दिया। हास्पिटल के सेकंड फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर के लिए स्ट्रेचर पर लेकर वार्ड ब्वॉय जैसे ही लिफ्ट में पहुंचा लिफ्ट टूटकर गिरी और गर्दन फंस जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। देखते-देखते खुशियां मातम में बदलीं और परिवार की शुभ तिथि को गम का ग्रहण लग गया।

मासूम ईवा बेखबर

करिश्मा की मौत से उसकी लाडली ईवा शायद बेखबर है। शव के पास बिलख रहे पिता अंकुश के बार-बार आंसू पोंछकर ईवा कहती कि पापा रोओ मत। पुत्रवधू की मौत पर ससुर ऋषिपाल और सास रज्जो का भी रो-रोकर बुरा हाल था। करिश्मा की ननद संगीता व मीनू चार दिन पूर्व ही छुट्टी लेकर आए छोटे भाई अंकुश का दुख देख नहीं पा रही थीं।

बहन और भाइयों में बड़ी थी करिश्मा

करिश्मा का मायका हापुड़ जिले के अट्टा धनावली गांव में है। करिश्मा चार बहन भाइयों में सबसे बड़ी थी। बेटी की मौत से पिता नवीन और मां बेजार थे।

नवजात अस्पताल से डिस्चार्ज

अंकुश की नवजात बेटी को उसका बड़ा भाई सतीश मावी शुक्रवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर घर ले आया। सतीश यूपी पुलिस में दारोगा है।

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