जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने फिलिस्तीनियों को बेसहारा छोड़ दिया है। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय इस्राइल का दौरा कर रहे हैं, जब गाजा में नागरिकों पर हिंसक हमले जारी हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार फिलिस्तीन के मामले में दिखावटी बयान देती है, जबकि असल में उसने फिलिस्तीनियों को नजरअंदाज कर दिया है।
रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों को बेदखल और विस्थापित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता व्यक्त की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि गाजा में नागरिकों पर इस्राइली हमले लगातार जारी हैं। इसके अलावा, रमेश ने आरोप लगाया कि इस्राइल और अमेरिका ईरान पर हवाई हमलों की योजना बना रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, “इसके बावजूद, प्रधानमंत्री मोदी इस्राइल जा रहे हैं (जहां उनके ‘मोदानी कनेक्शन’ हैं) और वहां के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गले लगाने वाले हैं, जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि इस्राइल में विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी के संसद संबोधन का बहिष्कार करने की धमकी दी है, क्योंकि नेतन्याहू न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर कर रहे हैं।
रमेश ने कहा, “मोदी सरकार फिलिस्तीन के मुद्दे पर पाखंडपूर्ण रुख अपनाए हुए है। वास्तविकता यह है कि मोदी सरकार ने फिलिस्तीनियों को छोड़ दिया है, जबकि भारत उन देशों में शामिल था, जिन्होंने 18 नवंबर 1988 को फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी थी।”
प्रधानमंत्री मोदी का इस्राइल दौरा वहां की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। विपक्षी दलों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रोटोकॉल के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख को आमंत्रित नहीं किया गया, तो वे मोदी के संसद संबोधन का बहिष्कार करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 25 फरवरी को दो दिवसीय यात्रा पर इस्राइल पहुंचेंगे, जहां वे इस्राइली संसद नेसेट को संबोधित करेंगे और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तथा राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से मुलाकात करेंगे।

