- 800 दवाओं की कीमतों में आज से बढ़ोतरी, 10.7 प्रतिशत दाम बढ़ेंगे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आज से जीवन रक्षक दवाओं के दाम बढ़ने जा रहे हैं। इसका सीधा असर आम जनता से लेकर दवा व्यापारियों पर भी पड़ने जा रहा है। जहां आज से जनता को जीवन रक्षक दवाएं महंंगी कीमतों पर मिलेंगे, वहीं दवा व्यापारियों को भी माल की अधिक कीमत चुकानी होगी।
आम लोगों को बीमार होने पर जिन दवाओं का सहारा लेना पड़ता है। उनको खरीदने के लिए अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। जो दवाई पहले 100 रुपये में मिलती थी। अब उसके लिए 117 रुपये चुकाने होंगे। जिन दवाओें की कीमत बढ़ने जा रही है, उनमें बेट्नोविट एन, बैक्सीसाल, रेडमीस्ट्रान, सेप्ट्रान, सुप्रोप्रॉक्सिन जैसी आम दवाएं शामिल है। वहीं, आमतौर पर प्रयोग में आने वाले इंजेक्शन भी इनमें शामिल है।
महंगा होगा निजी अस्पतालों में इलाज कराना
अब निजी अस्पतालों में इलाज कराना भी महंगा हो गया है। पहले किसी बीमारी के इलाज के लिए यदि अस्पताल में भर्ती होने पर जितना खर्च आता था। अब उस खर्च में बढ़ोतरी हो गई है। इसकी मुख्य वजह दवाओं का महंगा होना है। निजी अस्पतालों में अपने खुद के मेडिकल स्टोर है। जिनसे मरीजों के लिए दवाइयां जाती है, अब दवाओं की कीमत बढ़ने का असर मरीजों के इलाज के खर्च पर भी सीधे तौर पर पड़ने जा रहा है।
दवा व्यापारी भी होंगे प्रभावित
मेरठ में दवाइयों का बड़ा बाजार है, यहां के खैरनगर इलाके में 200 से अधिक थोक दवा व्यापारी व्यापार करते हैं। साथ ही देहात के छोटे व्यापारियों समेत अन्य जिलों के फुटकर दवा व्यापारी भी यहीं से दवाइयां खरीदते हैं, लेकिन अब दवाओं की कीमत बढ़ने के बाद इसका असर व्यापारियों पर भी पड़ेगा। दवा व्यापारियों को अधिक फंड की आवश्यकता पड़ेगी। जिससे वह अपने लिए दवा स्टॉक खरीदते है।
साथ ही जीएसटी भी बढ़ेगी। जिसकी वजह से दवा व्यापारियों को अधिक टैक्स चुकाना पड़ेगा। हालांकि दवा कंपनियां हर बैच की दवाओं की कीमतों में पहले से ही बढ़ोतरी करती रही है, लेकिन अब दवाओं के दाम सीधे तौर पर बढ़ने जा रहे हैं। बैच खत्म होने तक पुरानी कीमतों पर दवाएं मिल जाती थी, लेकिन अब दवाओं को बढ़े हुए दामों ही बेचा जाएगा भले ही वह पुराने बैच की क्यों न हो।
पेट्रोल-डीजल के दामों में भी हो रही वृद्धि
पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही पीएनजी और सीएनजी के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। जिससे बाजार में महंगाई सातवें आसमान पर पहुंच चुकी है। बढ़ती महंगाई के कारण आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। अब पेट्रोल और डीजल के साथ साथ रसोई गैस के भी दाम बढ़ रहे हैं। पेट्रोल-डीजल का असर किसी पर पड़े न पड़े, लेकिन माल भाड़े पर जरूर पड़ता है। जिससे खाद्य पदार्थों के दाम भी बढ़ने तय है। फलों से लेकर दाल, चावल, तेल और घी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
गुरुवार को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी सामने आई है। पेट्रोल यहां मेरठ में सतक लगा चुका है। पहले पेट्रोल अन्य राज्यों में 100 से ऊपर था, लेकिन अब मेरठ में भी यह सौ के पार पहुंच चुका हे। मेरठ की बात करें तो यहां बुधवार को पेट्रोल 99.60 रुपये प्रति लीटर था जो गुरुवार को बढ़कर 101.39 रुपये प्रति लीटर हो गया। यही हाल कुछ डीजल के दामों का भी रहा। डीजल के जो दाम बुधवार को मेरठ में 91.55 रुपये थे। वह अब गुरुवार को 92.95 रुपये रहे। पिछले 10 दिन से लगातार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। जिससे महंगाई बढ़नी तय है।
ट्रांसपोर्टर बढ़ायेंगे भाड़ा, खाद्य पदार्थों पर बढ़ेंगे दाम
उधर, लगातार बढ़ते पेट्रोल और डीजल के दामों को लेकर ट्रांसपोर्टर भी माल भाड़ा बढ़ाने की फिराक में है। अगर ट्रांसपोर्टरों ने माल भाड़ा बढ़ाया तो खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ जायेंगे। जिससे आटा, तेल, घी, फल और सब्जी समेत सभी चीजों के दाम फिर से बढ़ जाएंगे। मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के महामंत्री दीपक गांधी ने बताया कि अगर पेट्रोल और डीजल के दाम इसी तरह से लगातार बढ़ते रहे तो वह माल भाड़ा बढ़ाने को मजबूर होंगे। इसे लेकर जल्द ही बैठक कर निर्णय लिया जायेगा।
खाद्य पदार्थ फरवरी में दाम मार्च में दाम
आटा/किलो 25 30
तेल/लीटर 140 160
खुला दूध 47 50
डेयरी दूध 50 53
अमूल दूध 56 58
घी/किलो 440 490

