- किसानों ने एक बार फिर खोला मुआवजा को लेकर मेर्चा
- तालाबंदी कर दी चेतावनी जल्द मुआवजा नहीं मिला तो किया जाएगा आंदोलन
जनवाणी संवाददाता |
खेकड़ा: आवास विकास द्वारा अधिग्रहित भुमि के उचित मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छह गांवों के किसानों ने सोमवार को एक बार फिर मोर्चा खोलते हुए आवास विकास कार्यालय पर तालाबंदी कर आवाज को बुलंद कर दिया। तालाबंदी कर उन्होंने जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। मांग के पूरा ना होने पर सड़कों पर उतरकर आन्दोलन करने की चेतावनी दी और कहा कि इस बार वह किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटने वाले है।
आवास विकास द्वारा अधिग्रहित भुमि के उचित मुआवजे की मांग को लेकर मंडोला, मीरपुर, पंचोलक, नानू, गोठरा, घिटोरा आदि गांवों के किसान काफी समय से आंदोलन कर रहे है।
आंदोलन के चलते कई बार किसान व प्रशासन आमने सामने भी आ चुके है, लेकिन किसान हार मानने के लिए तैयार नहीं है। हाल ही में आंदोलन की अगुवाई जेडीयू नेता केसी त्यागी ने संभाल ली है।

उन्ही के नेतृत्व में किसानों ने मुवावजे की घोषणा ना होने पर सात सितंबर को आवास विकास कार्यालय पर तालाबंदी की घोषणा की थी। सोमवार को बड़ी संख्या में सभी गांवों के किसान तालाबंदी करने के लिए आवास विकास के कार्यालय पर पहुंच गए। वहां पहुंचकर उन्होंने आवास विकास कार्यालय पर तालाबंदी कर दी।
सूचना मिलते ही एसडीएम खालिद अंजुम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। किसान तालाबंदी कर वही पर धरने बैठ गए। यही नहीं किसानों ने धरना स्थल पर ही भोजन भी बना लिया। जिसके बाद लोनी प्रशासन ने धरना समाप्त कराने के लिए केसी त्यागी से फोन पर वार्ता की।
वार्ता के बाद केसी त्यागी के आहवान पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया, लेकिन उन्होंने आवास विकास कार्यालय पर तालाबंदी जारी रखने की घोषणा की। आवास विकास अधिकारियों को तालाबंदी हटाने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इस अवसर पर नीरज त्यागी, आरडी त्यागी, राजीव त्यागी, सतबीर गुर्जर, नवीन गुप्ता, हिमांशु त्यागी, श्याम त्यागी, मुख्तार हसन, नरेश आदि मौजूद रहे।
धरने में बड़ी संख्या में पहुंच महिलाएं
सोमवार को किसानों के आहवान पर आवास विकास पर आयोजित धरने में बड़ी संख्या में महिलाए भी पहुंची। जब तक धरना चला तब तक महिलाए धरने में बराबर डटी रही। उन्होंने आवास विकास के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर कुसुम, सुमित्रा, अंजू, बबिता, मोनिका, मधु, कांता, उर्मिला, उषा, गीता, बृजेश, मंजू, पुष्पा आदि महिलाए मौजूद रही।

