- ताला खुलने से बाबू को मिली राहत, सख्ती रहेगी जारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आरटीओ आॅफिस में तालों के भीतर बंद बाबू को आज राहत मिल गई। आरटीओ आॅफिस के तमाम ताले खोल दिये गए तथा हालांकि सख्ती कर दी गई। किसी भी बाहरी दलाल या अन्य बाहरी व्यक्ति को अंदर से एंट्री नहीं मिलेगी, जिसको भी परिवहन से संबंधित काम कराना है वो खिड़की पर जाए। हालांकि अंदर से किसी के लिए मनाई भी नहीं की गई। एक दिन पहले आरटीओ आॅफिस में गेट पर तालाबंदी कर दी गई थी। यह तालाबंदी बाबुओं के लिए की गई थी। ताले के भीतर रहने के बाद ही बाबू काम कर रहे थे।
बता दे, आरटीओ आॅफिस के सीनियर क्लर्क मुंशीलाल को एंटी करप्शन की टीम ने तीन दिन पहले 7500 सौ रुपये के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। मुंशीलाल की गिरफ्तारी के बाद आरटीओ आॅफिस में हड़कंप मचा हुआ है। हर कोई दहशत में है। हालांकि पुलिस ने मुंशीलाल को गिरफ्तार कर जेल तो भेज दिया है, लेकिन जो दहशत आरटीओ आॅफिस में पैदा हुई है वह कर्मचारियों के चेहरे पर साफ दिखाई दे रही है।
अब आरटीओ भी सख्त हो गए हैं। सीधे कार्रवाई की बात कर रहे हैं। एआरटीओ (प्रशासन) कुलदीप सिंह का कहना है कि एफआईआर भी दर्ज करायी जाएगी। इसमें विभाग के कर्मचारी यदि गलत कर रहे हैं तो इसमें सख्त कार्रवाई होगी। बाहरी व्यक्ति के खिलाफ पहले भी सख्ती की गई थी। जो परिवहन संबंधी समस्या लेकर आ रहे हैं, उनकी समस्या का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।

