जनवाणी ब्यूरो ।
नई दिल्ली: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद मंगलवार को एक भीषण आत्मघाती हमले से दहल उठी। जी-11 क्षेत्र में हुए इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए और कई वाहनों में आग लग गई।
सूत्रों के मुताबिक, हमला उस जगह के पास हुआ जहां एक स्थानीय कोर्ट स्थित है। सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेर लिया है और राहत-बचाव कार्य जारी है। धमाके के बाद मौके पर धुएं का घना गुबार देखा गया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस हमले की निंदा करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
वहीं, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस घटना को “वेक-अप कॉल” बताया और कहा कि देश को अब अपनी सुरक्षा नीतियों पर गंभीरता से पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने संकेतों में कहा कि ऐसे माहौल में काबुल के शासकों से किसी ठोस सहयोग की उम्मीद करना व्यर्थ है।
सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच में जुटी हैं कि हमलावर राजधानी तक कैसे पहुंचे और उनकी मदद किसने की। अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
यह धमाका ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान पहले से ही आंतरिक अस्थिरता और सीमाई सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला देश की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का संकेत है।

